PM मोदी और स्विस राष्ट्रपति परमिलन की हैदराबाद हाउस में वार्ता: परमाणु ऊर्जा, मिलिट्री एक्सचेंज व AI पर बनी साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस गणराज्य के राष्ट्रपति गाय परमिलन के बीच 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें परमाणु ऊर्जा, मिलिट्री एक्सचेंज, रक्षा उत्पादन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और व्यापार-निवेश जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने पर सहमति बनी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस बैठक के प्रमुख निष्कर्षों की जानकारी साझा की।
वार्ता में क्या-क्या हुआ
MEA के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। जारी बयान में कहा गया कि 'व्यापार व निवेश, इनोवेशन व AI, मिलिट्री एक्सचेंज व रक्षा उत्पादन, परमाणु ऊर्जा, विज्ञान एवं तकनीक (S&T) और लोगों के बीच आपसी संबंधों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की गई।' दोनों पक्षों ने भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के तहत मिल रही सकारात्मक आर्थिक गति का भी संज्ञान लिया और इनोवेशन-आधारित साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य समझौते और नतीजे
MEA ने बताया कि बैठक के प्रमुख नतीजों में ट्रांसपोर्ट, मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर, माइग्रेशन और मोबिलिटी तथा युवा प्रोफेशनल्स से संबंधित नए समझौते शामिल रहे। इसके अलावा स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई संयुक्त रिसर्च पर भी सहमति बनी। दोनों नेताओं की मौजूदगी में भारत और स्विस परिसंघ के बीच एमओयू (MoU) का आदान-प्रदान भी हुआ।
राजकीय दौरे का संदर्भ
स्विस राष्ट्रपति गाय परमिलन तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत आए हैं। सोमवार को नई दिल्ली पहुँचने पर उनका राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अवसर पर उपस्थित रहे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और स्विट्जरलैंड दोनों वैश्विक संस्थाओं में सुधार और बहुपक्षीय कूटनीति को मज़बूत करने के पक्षधर हैं।
अन्य द्विपक्षीय मुलाकातें
स्विस राष्ट्रपति ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी मुलाकात की, जिसमें वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू परमिलन के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन करेंगी। गौरतलब है कि दोनों देशों ने शांति, कूटनीति और वैश्विक संस्थाओं में सुधार के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता भी दोहराई।
आगे क्या
इस दौरे के दौरान हुए MoU और समझौतों के क्रियान्वयन की दिशा में दोनों पक्ष अगले चरणों पर काम करेंगे। भारत-EFTA TEPA के तहत व्यापार और निवेश में और तेज़ी आने की उम्मीद है, जबकि परमाणु ऊर्जा व स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में नई संयुक्त परियोजनाओं की रूपरेखा सामने आने की संभावना है।