पीएम मोदी ने टीएमसी पर कड़ा प्रहार, राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी पर कड़ा प्रहार
- राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई
- किसानों के लिए जूट का मूल्य बढ़ा
- महिलाओं की भागीदारी का महत्व
- जांच आयोग का गठन
पूर्वी बर्दवान, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान के कटवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने भाजपा की नीतियों और योजनाओं को जनता के समक्ष रखते हुए कहा कि हम पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि “मोदी की गारंटी” केवल एक वादा नहीं, बल्कि एक विश्वास है, जो टीएमसी के आतंक के माहौल को विश्वास में बदलने का कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि भाजपा का घोषणापत्र स्पष्ट करता है कि ये सभी गारंटियां कैसे पूरी की जाएंगी।
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें पिछले १५ वर्षों में हुई कथित अनियमितताओं और अपराधों का पूरा विवरण होगा। उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी के “हर गुंडे और भ्रष्ट नेता” को कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अपने भाषण में उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में हालिया चुनावों का उल्लेख किया और कहा कि जहां-जहां महिलाओं की भागीदारी अधिक रही है, वहां भाजपा को मजबूत जनादेश मिला है। उन्होंने केरल, असम और पुडुचेरी में शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग की सराहना की और विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की स्थिति मजबूत हो रही है।
प्रधानमंत्री ने राज्य में कथित सिंडिकेट राज और अवैध कारोबार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर पारदर्शी टेंडर प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थित लोग रेत खनन जैसे कार्यों पर कब्जा जमाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कटवा में हुए विस्फोट की घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसी आपराधिक गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों की पूरी जांच की जाएगी और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच आयोग गठित करने का प्रस्ताव भी उन्होंने रखा।
अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि टीएमसी शासन के दौरान बंगाल में भय का माहौल रहा है और चुनाव इस डर को समाप्त करने का अवसर हैं। उन्होंने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले 2400 रुपए से कम था, जो अब बढ़कर 5500 रुपए से अधिक हो गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिला है।
रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की रैलियों में उमड़ी भीड़ चार मई के नतीजों की झलक है। पश्चिम बंगाल बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया है, वहां भाजपा ने जबरदस्त जीत दर्ज की है।