क्या पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री भारत दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से करेंगे वार्ता?

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क्या पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री भारत दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से करेंगे वार्ता?

सारांश

पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की और उनकी पत्नी ऐनी एप्पलबाउम भारत के दौरे पर आ रहे हैं। यह यात्रा 17 से 19 जनवरी तक चलेगी, जिसमें द्विपक्षीय वार्ता और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का हिस्सा बनना शामिल है। जानें इस महत्वपूर्ण यात्रा के बारे में अधिक जानकारी।

Key Takeaways

  • पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री की भारत यात्रा
  • द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन
  • जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भागीदारी
  • रक्षा और सुरक्षा में सहयोग पर चर्चा
  • भारत और पोलैंड के बीच आर्थिक संबंधों में सुधार

नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की अपनी पत्नी ऐनी एप्पलबाउम के साथ 17 से 19 जनवरी तक भारत का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी साझा की। इस दौरान सिकोर्स्की की सोमवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी।

रादोस्लाव सिकोर्स्की और उनकी पत्नी शनिवार को जयपुर पहुंचेंगे, जहाँ वे प्रतिष्ठित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भाग लेंगे। जयपुर में कार्यक्रमों के बाद, वे रविवार को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

भारत और पोलैंड के बीच पिछले महीने नई दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का 11वां दौर आयोजित हुआ था, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई थी। इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और पोलैंड के विदेश मामलों के सचिव व्लादिस्लाव टी. बार्तोशेव्स्की ने की थी।

वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ मिलकर लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पोलैंड ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को शीघ्र अंतिम रूप देने का समर्थन किया।

विदेश मंत्रालय ने बैठक के बाद जारी बयान में कहा, “भारत-पोलैंड विदेश कार्यालय परामर्श के 11वें दौर में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति का मूल्यांकन किया, विशेष रूप से उस पांच वर्षीय कार्य योजना (2024-2028) के संदर्भ में, जिस पर अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान सहमति बनी थी।”

बयान में आगे कहा गया कि दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और एआई जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और तेज करने पर सहमति जताई। पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

गौरतलब है कि सितंबर में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोलैंड के अपने समकक्ष रादोस्लाव सिकोर्स्की से टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा था कि भारत जल्द से जल्द युद्धविराम और स्थायी समाधान के पक्ष में है।

जयशंकर ने एक्स पर लिखा था, “आज पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की से बातचीत हुई। उन्होंने पोलैंड की सुरक्षा से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर चिंता जताई। मैंने रेखांकित किया कि भारत यूक्रेन संघर्ष में जल्द शत्रुता समाप्त होने और टिकाऊ समाधान का समर्थन करता है।”

Point of View

बल्कि वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खोलेगी। हमें उम्मीद है कि इस वार्ता के माध्यम से दोनों देशों के बीच सहयोग की नई ऊंचाइयों को छूने का अवसर मिलेगा।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री कब भारत आएंगे?
पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की 17 से 19 जनवरी तक भारत के दौरे पर रहेंगे।
सिकोर्स्की की यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय वार्ता करना और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भाग लेना है।
इस दौरे के दौरान कौन से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी?
इस दौरे के दौरान रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और एआई जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
भारत और पोलैंड के बीच आर्थिक संबंध कैसे हैं?
पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
क्या इस दौरे से भारत-पोलैंड संबंधों में सुधार होगा?
हां, इस दौरे से दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार और सहयोग की नई संभावनाएं खुलेंगी।
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