दिल्ली: शास्त्री पार्क पुलिस ने हत्या के प्रयास के दो मामले सुलझाए, 4 आरोपी गिरफ्तार, देसी पिस्तौलें बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के शास्त्री पार्क पुलिस स्टेशन की टीम ने 17 मई 2026 को हत्या के प्रयास के दो अलग-अलग मामलों का पर्दाफाश किया और 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इन मामलों में दो देसी पिस्तौलें, 14 जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो गाड़ी और 5 मोबाइल फोन बरामद किए।
पहला मामला: ई-रिक्शा अटेंडेंट पर गोलीबारी
15 मई को एक ई-रिक्शा पार्किंग अटेंडेंट को गोली मारी गई थी। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी को घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया था, जबकि फरार दूसरे आरोपी की तलाश जारी थी। जाँच के दौरान पुलिस ने 21 वर्षीय समीर को गिरफ्तार किया।
समीर की निशानदेही पर एक देसी पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया। पूछताछ में समीर ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि पीड़ित एहसान ने उसे ई-रिक्शा पर बैठे देखकर डांटा था, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। इस मामले में आगे की जाँच जारी है।
दूसरा मामला: सुनियोजित साजिश का पर्दाफाश
10 मई की रात करीब रात 10:30 बजे, अविनाश कुमार नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि चांदनी चौक स्थित साइकिल मार्केट, कूचा बुलाकी बेगम में उसके किराए के मकान में एक अज्ञात व्यक्ति घुसा। उस व्यक्ति ने पिस्तौल दिखाकर धमकाई और 2-3 राउंड फायर किए, जिनमें से एक गोली अविनाश की दाहिनी जांघ को छूकर निकल गई।
पुलिस ने जाँच के लिए एक विशेष टीम गठित की। 15 मई को सुबह करीब 3 बजे संदिग्ध लोकेश दहिया को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से घटना के समय पहने हुए कपड़े और चप्पलें बरामद हुईं। उसी दिन सुबह 4 बजे, लोकेश की निशानदेही पर दूसरे आरोपी दीपक कुमार को भी उसके घर से पकड़ा गया। अपराध में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त कर ली गई।
चौंकाने वाला मोड़: शिकायतकर्ता ही निकला मास्टरमाइंड
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों — लोकेश और दीपक — ने पुलिस को बताया कि इस पूरी आपराधिक साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि स्वयं शिकायतकर्ता अविनाश कुमार ही है। इस जानकारी पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसी दिन अविनाश को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
अविनाश के घर की तलाशी में एक देसी पिस्तौल, दो मैगजीन और 14 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके अलावा, तीनों आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए 5 मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए। यह मामला इस दृष्टि से उल्लेखनीय है कि जो व्यक्ति पीड़ित के रूप में सामने आया, वही षड्यंत्र का सूत्रधार निकला।
आगे की जाँच
दोनों मामलों में पुलिस आगे की जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद हथियारों की बैलिस्टिक जाँच और आरोपियों के आपसी संबंधों की पड़ताल जारी है। इन मामलों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।