मोदी को 23+ देशों के सर्वोच्च सम्मान: भाजपा बोली — 140 करोड़ भारतीयों का गौरव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 29 जून 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व के 23 से अधिक देशों द्वारा दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के प्रमाण हैं। पार्टी ने हाल ही में सेशेल्स और स्लोवाकिया द्वारा प्रधानमंत्री को दिए गए सम्मानों को पूरे देश के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान बताया।
भाजपा प्रवक्ता की प्रतिक्रिया
पटना में BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि आज भारत को वैश्विक स्तर पर 'वॉइस ऑफ द ग्लोबल साउथ' के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण 'विश्व बंधु' और 'अ फ्रेंड टू द वर्ल्ड' का है, जिसके कारण भारत की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता लगातार बढ़ी है।' गुरु प्रकाश ने सेशेल्स में मिले सम्मान को भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का प्रतीक बताया।
स्लोवाकिया सम्मान पर यूपी भाजपा की प्रतिक्रिया
लखनऊ में उत्तर प्रदेश BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस' से प्रधानमंत्री मोदी को नवाजे जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है।
वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका
गुरु प्रकाश ने कहा कि भारत अब केवल वैश्विक मुद्दों पर अपना पक्ष रखने तक सीमित नहीं, बल्कि समाधान प्रस्तुत करने वाला देश बन चुका है। उन्होंने कई उदाहरण गिनाए — संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में मंजूरी, जी-20 की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाने की पहल, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े वैश्विक आयोजनों में भारत की सक्रिय भागीदारी।
प्रधानमंत्री मोदी का अपना बयान
BJP नेताओं ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं कई अवसरों पर कह चुके हैं कि उन्हें मिलने वाला हर सम्मान वास्तव में 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की संख्या और उन्हें मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों को लेकर देश में राजनीतिक चर्चा तेज है।
आगे क्या
BJP नेताओं का यह रुख स्पष्ट करता है कि पार्टी प्रधानमंत्री की विदेश नीति की उपलब्धियों को घरेलू राजनीति में भी प्रमुखता से उठाती रहेगी। विश्लेषकों का मानना है कि 23 से अधिक देशों के सर्वोच्च सम्मान भारत की बदलती कूटनीतिक स्थिति को रेखांकित करते हैं, हालाँकि इन सम्मानों का व्यावहारिक नीतिगत असर अलग विमर्श का विषय है।