16 जुलाई 2026
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बंटी यादव हत्याकांड: प्रशांत किशोर पहुंचे पीड़ित परिवार के पास, दोषियों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई की उठाई मांग

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बंटी यादव हत्याकांड: प्रशांत किशोर पहुंचे पीड़ित परिवार के पास, दोषियों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई की उठाई मांग

सारांश

पटना में कारोबारी बंटी कुमार यादव के अपहरण और हत्या के मामले में प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का वादा किया। दोषियों की गिरफ्तारी, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मुआवजे की माँग के साथ उन्होंने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने 16 जुलाई को पटना के न्यू करबिगहिया में बंटी यादव के परिजनों से मुलाकात की।
कारोबारी बंटी कुमार यादव का 6 जुलाई को कथित अपहरण हुआ था; 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र से शव बरामद।
परिवार की तीन माँगें: नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, और उचित मुआवजा व सरकारी नौकरी।
पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है; जाँच जारी है।
किशोर ने कोतवाली और जक्कनपुर थाना के संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग की।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने 16 जुलाई को पटना के न्यू करबिगहिया इलाके में पहुंचकर कारोबारी बंटी कुमार यादव के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जाँच, सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग रखी।

मामले की पृष्ठभूमि

करबिगहिया निवासी कारोबारी बंटी कुमार यादव का कथित तौर पर 6 जुलाई को अपहरण किया गया था। परिजनों के धरने पर बैठने के बाद पुलिस प्रशासन ने दो दिन के भीतर उन्हें खोज निकालने का आश्वासन दिया था, जिस पर भरोसा करते हुए परिवार ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। परंतु 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र से उनका शव बरामद हुआ, जिसने परिवार को गहरे आघात में डाल दिया। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जाँच अभी जारी है।

पीड़ित परिवार की तीन प्रमुख माँगें

मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने परिवार की तीन माँगें सार्वजनिक कीं। पहली — मामले में नामजद सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। दूसरीकोतवाली और जक्कनपुर थाना क्षेत्र से जुड़े उन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई हो, जिनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। तीसरी — पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और परिवार के किसी योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

किशोर ने पुलिस के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके चरित्र पर सवाल उठाना या उसे अवैध गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं है। उनका तर्क था कि यदि मृतक किसी अवैध कार्य में संलिप्त था, तो पुलिस को जीवित रहते ही कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही की कमी को अपराध बढ़ने की एक बड़ी वजह बताया।

राज्य सरकार पर निशाना

जन सुराज नेता ने बिहार सरकार पर भी सीधा हमला बोला और कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। आलोचकों का कहना है कि इस घटना ने एक बार फिर राज्य में अपराध नियंत्रण की खामियों को उजागर किया है।

आगे क्या होगा

प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक जन सुराज पार्टी इस मामले में आवाज उठाती रहेगी। बांकीपुर उपचुनाव से पहले यह मुलाकात राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि किशोर लगातार पटना में जनसंपर्क बढ़ा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसके राजनीतिक संदर्भ को नज़रअंदाज़ नहीं होने देती। असली सवाल यह है कि क्या पीड़ित परिवार को वास्तविक न्याय मिलेगा, या यह भी चुनावी मौसम की एक और सहानुभूति-यात्रा बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंटी कुमार यादव कौन थे और उनके साथ क्या हुआ?
बंटी कुमार यादव पटना के करबिगहिया इलाके के एक कारोबारी थे। कथित तौर पर 6 जुलाई को उनका अपहरण किया गया था और 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र से उनका शव बरामद हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जाँच जारी है।
प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवार से मिलकर क्या माँगें उठाईं?
प्रशांत किशोर ने तीन प्रमुख माँगें रखीं — नामजद सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा, कोतवाली व जक्कनपुर थाने के लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और किसी योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी।
पुलिस ने परिजनों को क्या आश्वासन दिया था?
परिजनों के धरने पर बैठने के बाद पुलिस प्रशासन ने दो दिनों के भीतर बंटी यादव को खोज निकालने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर परिवार ने अपना धरना समाप्त किया, लेकिन बाद में शव बरामद होने से परिजनों को गहरा आघात पहुँचा।
प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्यशैली पर क्या कहा?
किशोर ने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके चरित्र पर सवाल उठाना या उसे अवैध गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं है। उनका कहना था कि यदि मृतक किसी अवैध कार्य में शामिल था, तो पुलिस को जीवित रहते ही कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी।
जन सुराज पार्टी इस मामले में आगे क्या करेगी?
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक जन सुराज पार्टी इस मामले में आवाज उठाती रहेगी। पार्टी राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर दबाव बनाए रखने की बात कह रही है।
राष्ट्र प्रेस
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