बंटी कुमार अपहरण कांड: करबिगहिया पहुंचे प्रशांत किशोर, बोले- पुलिस को दें दो दिन का मौका
सारांश
मुख्य बातें
पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र के न्यू करबिगहिया निवासी किराना दुकानदार बंटी कुमार के कथित अपहरण के विरोध में 8 जुलाई को स्थानीय लोगों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने करबिगहिया इलाके में आगजनी की और सड़क जाम कर दी। इसी बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार व प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की।
प्रशांत किशोर ने क्या कहा
पत्रकारों से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, 'पुलिस ने दो दिन का समय मांगा है। मैंने परिवार के सदस्यों, उनके दोस्तों और विरोध में सड़क पर बैठे स्थानीय लोगों से इंतजार करने का अनुरोध किया है। कैमरों के सामने पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले को दो दिन के भीतर सुलझा लिया जाएगा, तो उसके बाद आगे की बात की जाएगी।'
किशोर ने आगे कहा, 'लोग इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि परिवार के एक सदस्य का तीन दिन पहले अपहरण कर लिया गया था। जक्कनपुर पुलिस ने हमें बताया कि मामला दो दिनों के भीतर सुलझा लिया जाएगा। घटना जक्कनपुर इलाके की है, लेकिन गिरफ्तारी कोतवाली थाना क्षेत्र से हुई है। मैंने प्रदर्शनकारियों से यह भी आग्रह किया है कि वे सड़कें जाम न करें और सेवाओं में बाधा न डालें — अगर अगले दो दिनों में मामला नहीं सुलझता, तो हम वापस आकर बात करेंगे।'
घटनाक्रम: कैसे हुआ कथित अपहरण
पुलिस के अनुसार, बंटी कुमार सोमवार देर रात पटना जंक्शन के पास एक दुकान से दही खरीदने गए थे। इसी दौरान वहां पहुंचे कुछ युवकों ने पहले उनके साथ मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इसके बाद आरोपितों ने उन्हें जबरन एक काले रंग की स्कॉर्पियो में बैठाकर ले गए। घटना के बाद से बंटी कुमार का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। टीम शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब बांकीपुर उपचुनाव की सरगर्मियां तेज हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा अपना उम्मीदवार घोषित किए जाने पर प्रशांत किशोर ने कहा, 'यह लोकतंत्र है, हर पार्टी अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकती है और यह उनके चर्चा का विषय है।' गौरतलब है कि जन सुराज पार्टी बिहार में अपनी राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने में जुटी है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने सार्वजनिक रूप से दो दिनों के भीतर मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पुनः घटनास्थल पर आकर अगला कदम तय करेंगे। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग फिलहाल पुलिस के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए प्रतीक्षा में हैं।