14 जुलाई 2026
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बंटी यादव हत्याकांड: मंत्री रामकृपाल ने निष्पक्ष जांच की मांग की, पप्पू यादव बोले- स्पीडी ट्रायल से दोषियों को मिले फांसी

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बंटी यादव हत्याकांड: मंत्री रामकृपाल ने निष्पक्ष जांच की मांग की, पप्पू यादव बोले- स्पीडी ट्रायल से दोषियों को मिले फांसी

सारांश

पटना के बंटी यादव अपहरण-हत्याकांड ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। मंत्री रामकृपाल यादव ने जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जबकि सांसद पप्पू यादव ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए स्पीडी ट्रायल, फाँसी और ₹1 करोड़ मुआवजे की माँग की।

मुख्य बातें

पटना के न्यू करबिगहिया निवासी बंटी यादव की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई; मामला 14 जुलाई को राजनीतिक केंद्र बना।
मंत्री रामकृपाल यादव ने जक्कनपुर थाने द्वारा जीरो एफआईआर न दर्ज करने पर सवाल उठाए; बाद में लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की पुष्टि की।
सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा , सरकारी नौकरी और सुरक्षा देने की माँग की।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बंटी यादव ने पहले ही पुलिस को लिखित सूचना दी थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
कथित सेक्स रैकेट, शराब माफिया और जमीन माफिया को संरक्षण मिलने का आरोप; होटलों-मसाज पार्लरों की जाँच और सीसीटीवी समीक्षा की माँग।

पटना के न्यू करबिगहिया निवासी बंटी यादव की अपहरण के बाद हत्या के मामले ने 14 जुलाई को राजनीतिक हलचल तेज कर दी, जब बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मंगलवार को अलग-अलग पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। दोनों नेताओं ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की, हालाँकि पप्पू यादव ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

मंत्री रामकृपाल यादव का रुख

मंत्री रामकृपाल यादव ने बंटी यादव की हत्या को जघन्य अपराध बताया और कहा कि एक गरीब परिवार का कमाने वाला सदस्य छिन जाने से पूरा परिवार संकट में आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब परिजन जक्कनपुर थाना पहुँचे तो उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय क्षेत्राधिकार का हवाला देकर लौटा दिया गया, जबकि नियमानुसार जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला संबंधित थाने को भेजा जाना चाहिए था।

उन्होंने यह भी कहा कि बाद में सरकार और पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति है और दोषियों को कानून के तहत कड़ी-से-कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

रामकृपाल यादव ने यह भी कहा कि वह पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का मामला सरकार के समक्ष उठाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि जिस कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ बंटी यादव आवाज उठा रहे थे, वह लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा है।

पप्पू यादव की माँगें और आरोप

सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ ही दोषियों के विरुद्ध स्पीडी ट्रायल चलाकर फाँसी की सजा देने की माँग की। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी, ₹1 करोड़ का मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की।

मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि अपराधी, शराब माफिया, जमीन माफिया और कथित सेक्स रैकेट संचालकों को संरक्षण मिल रहा है तथा पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उन्होंने कहा कि बंटी यादव ने पहले ही पुलिस को लिखित रूप से अवैध गतिविधियों की सूचना दी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

सांसद ने जक्कनपुर थाना और कोतवाली थाना की भूमिका की निष्पक्ष जाँच कर दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की। उन्होंने सभी होटलों, हॉस्टलों और मसाज पार्लरों की जाँच तथा सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा कराने की भी अपील की।

कथित सेक्स रैकेट पर कार्रवाई की माँग

पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री से पटना सहित राज्य के विभिन्न शहरों में चल रहे कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने और पूरे नेटवर्क की जाँच कराने की माँग की। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से ही सियासी बहस का केंद्र बनी हुई है।

गौरतलब है कि बंटी यादव कथित तौर पर एक अवैध नेटवर्क के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और उनकी हत्या ने पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संस्थागत संस्कृति की झलक है। जब तक दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई केवल बयानों तक सीमित रहेगी और स्वतंत्र जाँच नहीं होगी, तब तक 'जीरो टॉलरेंस' नीति महज एक राजनीतिक जुमला बनी रहेगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंटी यादव कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
बंटी यादव पटना के न्यू करबिगहिया के निवासी थे, जिनका कथित तौर पर अपहरण कर हत्या कर दी गई। वह एक कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और उन्होंने पुलिस को लिखित रूप से अवैध गतिविधियों की सूचना भी दी थी।
जक्कनपुर थाने पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मंत्री रामकृपाल यादव के अनुसार, जब पीड़ित परिवार जक्कनपुर थाना पहुँचा तो पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया और जीरो एफआईआर दर्ज नहीं की। सांसद पप्पू यादव ने भी जक्कनपुर और कोतवाली थाने की भूमिका की निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार के लिए क्या माँगें रखी हैं?
सांसद पप्पू यादव ने सरकार से पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा, सरकारी नौकरी और सुरक्षा देने की माँग की है। इसके साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर फाँसी की सजा देने की भी अपील की है।
बिहार सरकार का इस मामले में क्या रुख है?
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा है कि सरकार की अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति है और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का मामला सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन भी दिया।
कथित सेक्स रैकेट से इस मामले का क्या संबंध है?
बताया जा रहा है कि बंटी यादव एक लंबे समय से सक्रिय कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री से पटना सहित पूरे राज्य में चल रहे ऐसे नेटवर्क की व्यापक जाँच कराने और होटलों, हॉस्टलों व मसाज पार्लरों की सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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