क्या प्रयागराज के माघ मेले में फिर से आग लगी?
सारांश
Key Takeaways
- माघ मेला में आग लगने की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
- किसी भी प्रकार की जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।
- आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
प्रयागराज, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। माघ मेले में पिछले 24 घंटों में दूसरी बार आग लगने की घटना सामने आई है। बुधवार की शाम को मेले में स्थित एक टेंट में आग लगी। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार यह दावा किया गया कि 10-15 टेंट आग की चपेट में आ गए हैं, जो सच नहीं है।
माघ मेले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिमेष सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
अनिमेष सिंह ने कहा, "हमें शाम 6:01 बजे सेक्टर 4 में आग लगने की सूचना मिली। हमारी आठ दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पा लिया गया। इस घटना में दो टेंट पूरी तरह जल गए और तीसरा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ। हादसे में किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। टेंट में रखे कपड़े और बिस्तर राख हो गए। हालांकि, दमकल विभाग ने समय रहते आग पर नियंत्रण कर लिया।"
उन्होंने आगे कहा कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पहली नजर में लगता है कि शाम के समय पूजा का दीप जलाने के कारण यह हादसा हुआ है। अभी घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।
इससे पहले, मंगलवार की शाम को माघ मेले के सेक्टर 5 में स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में भी आग लगी थी। उस समय आग इतनी भयानक थी कि 15 टेंट और 20 दुकानें जलकर राख हो गईं। पुलिस और दमकल विभाग ने आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य किया। आग बुझाने में दमकल की पाँच गाड़ियों को कई घंटों तक मेहनत करनी पड़ी थी।
बताया गया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी और यह टेंट में तेजी से फैल गई। अब बुधवार की शाम को फिर से माघ मेले में हादसा हुआ।
ज्ञात रहे कि माघ मेला 3 जनवरी से प्रारंभ हुआ है और महाशिवरात्रि के दिन, यानी 15 फरवरी तक चलेगा। मकर संक्रांति के कारण बुधवार को लाखों श्रद्धालु संगम तट पर स्नान करने के लिए पहुंचे थे।