राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 13 जून को IMA दीक्षांत परेड की करेंगी अध्यक्षता, देहरादून में कड़ी सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 12 से 13 जून तक उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। 13 जून को वे देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आयोजित होने वाली 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड (दीक्षांत परेड) की अध्यक्षता करेंगी। राष्ट्रपति की यात्रा को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और जीरो ज़ोन
राष्ट्रपति की उपस्थिति के मद्देनज़र IMA के आसपास के पूरे क्षेत्र को जीरो ज़ोन घोषित किया जाएगा। 13 जून को सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक IMA की ओर किसी भी सामान्य वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। देहरादून पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस संबंध में विस्तृत ट्रैफिक प्लान साझा किया है।
यातायात डायवर्जन की व्यवस्था
बल्लूपुर से प्रेमनगर की ओर जाने वाले वाहनों को रांघड़वाला तिराहे से मिठी बेरी होते हुए प्रेमनगर भेजा जाएगा। प्रेमनगर से शहर की ओर आने वाले छोटे वाहनों को प्रेमनगर चौक से एमटी गेट के अंदर होते हुए मिठी बेरी गेट और रांघड़वाला के रास्ते शहर की ओर मोड़ा जाएगा।
सेलाकुई और भाऊवाला की ओर से आने वाले सभी भारी वाहनों को धूलकोट तिराहे से सिंघनीवाला होते हुए नया गांव के मार्ग से शहर की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, देहरादून से विकासनगर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को शिमला बाईपास से मोड़कर विकासनगर-धर्मावाला मार्ग पर भेजा जाएगा।
आम जनता के लिए अपील
देहरादून पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पूर्व ट्रैफिक प्लान की जानकारी अवश्य लें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यातायात के दबाव और सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार डायवर्जन की समयावधि में परिवर्तन किया जा सकता है।
IMA दीक्षांत परेड का महत्व
भारतीय सैन्य अकादमी की दीक्षांत परेड देश के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य समारोहों में से एक है, जिसमें प्रशिक्षित अधिकारी भारतीय सेना में औपचारिक रूप से कमीशन प्राप्त करते हैं। 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स के कैडेट इस बार राष्ट्रपति के समक्ष पासिंग आउट परेड में शामिल होंगे। यह परंपरा राष्ट्र के प्रति सैन्य प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जाती है।
देहरादून में 13 जून की सुबह से दोपहर तक यातायात प्रबंधन की यह विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि समारोह बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।