तेलंगाना: जंगांव में मंदिर के तालाब से पुजारी पिता-पुत्र के शव बरामद, आर्थिक संकट बना कारण
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के जंगांव जिले में 23 मई 2025 को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब लिंगाला घनपुर मंडल के बंदलागुडेम गांव स्थित लक्ष्मीनरसिम्हा स्वामी मंदिर के तालाब में पुजारी पिता-पुत्र के शव मिले। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों ने आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं से तंग आकर यह कदम उठाया।
मुख्य घटनाक्रम
मृतकों की पहचान लक्ष्मीनरसिम्हा चार्युलु और उनके पुत्र पवन कुमार चार्युलु के रूप में हुई है, जो दोनों उसी मंदिर में पुजारी के रूप में सेवारत थे। स्थानीय ग्रामीणों ने तालाब में शव देखकर पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद दोनों शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, लक्ष्मीनरसिम्हा चार्युलु की पत्नी श्रीदेवी का निधन इस घटना से लगभग एक महीने पहले स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण हो गया था। यह ऐसे समय में आया है जब परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा था, और पत्नी की मृत्यु ने पिता-पुत्र को गहरे सदमे में डाल दिया।
खम्मम में संदिग्ध हत्या का मामला
इसी दिन खम्मम जिले में एक अलग और चिंताजनक मामला सामने आया। आर. मीनाक्षी (28) शुक्रवार सुबह तिरुमलायपालम के गोल थांडा स्थित अपने घर में फंदे से लटकी पाई गईं। उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि पति आर. शिवाजी ने ₹80 लाख की जीवन बीमा पॉलिसी हड़पने के लिए उनकी हत्या की और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की।
पुलिस ने शिवाजी को हिरासत में लिया जब एक पुराना वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर उसे मीनाक्षी के साथ बेरहमी से मारपीट करते देखा जा सकता है। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो मीनाक्षी के एक रिश्तेदार ने रिकॉर्ड किया था, लेकिन पारिवारिक दबाव और आपसी समझौते के चलते इसे छिपाकर रखा गया था।
जांच की स्थिति
पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खम्मम मामले में अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मीनाक्षी की मौत हत्या थी या आत्महत्या। जांचकर्ता शिवाजी से विस्तृत पूछताछ कर रहे हैं।
आगे की स्थिति
जंगांव मामले में पुलिस परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रही है। खम्मम मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। दोनों घटनाएं तेलंगाना में पारिवारिक और आर्थिक संकट की गहराती समस्या की ओर ध्यान दिलाती हैं।