प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का भारत दौरा: 9–15 सितंबर, राष्ट्रपति-PM से मुलाकात प्रस्तावित
सारांश
मुख्य बातें
इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम हिज हाइनेस प्रिंस रहीम आगा खान पंचम आज, 9 सितंबर को भारत पहुँच रहे हैं। 50वें इमाम के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा है, जो 9 से 15 सितंबर तक चलेगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के निमंत्रण पर हो रही है।
उच्चस्तरीय बैठकें और राजनयिक एजेंडा
नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रिंस रहीम आगा खान पंचम की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त वे गृह मंत्री और विदेश मंत्री से भी भेंट करेंगे। 10 सितंबर को उपराष्ट्रपति के साथ एक अहम बैठक निर्धारित है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और इस्माइली समुदाय के बीच विकास साझेदारी के कई दशक पुराने संबंध हैं। उच्चस्तरीय राजनयिक बैठकों की यह श्रृंखला आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के भारत में विस्तारित कार्यों के संदर्भ में विशेष महत्त्व रखती है।
अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद का दौरा
दिल्ली के अलावा प्रिंस रहीम आगा खान पंचम अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद भी जाएंगे। इन तीनों शहरों में आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) विभिन्न विकास कार्यों और सामुदायिक पहलों से जुड़ा हुआ है। गौरतलब है कि AKDN अफ्रीका, एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और उत्तरी अमेरिका के 18 देशों में सक्रिय है।
इमामत की पृष्ठभूमि
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम ने फरवरी 2025 में अपने पिता प्रिंस करीम अल-हुसैनी आगा खान चतुर्थ — शिया इस्माइली मुसलमानों के 49वें इमाम — के निधन के बाद 50वें इमाम का पद संभाला। आगा खान चतुर्थ ने अपना जीवन लोक कल्याण को समर्पित किया था और उन्होंने वर्ष 1967 में आगा खान फाउंडेशन की स्थापना की थी, जो विश्व के सबसे हाशिए पर रहने वाले समुदायों की सेवा में अग्रणी रही है।
आगा खान फाउंडेशन और भारत में योगदान
आगा खान फाउंडेशन स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में दशकों से भारत में कार्यरत है। AKDN के अंतर्गत संचालित परियोजनाएँ देश के कई राज्यों में समुदाय-आधारित विकास का उदाहरण मानी जाती हैं। नए इमाम की यह यात्रा इन साझेदारियों को नई दिशा देने के अवसर के रूप में देखी जा रही है।
आगे क्या
15 सितंबर तक चलने वाले इस दौरे के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय बैठकें भारत-इस्माइली समुदाय के संबंधों को और मज़बूत करने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही हैं। नए इमाम के नेतृत्व में AKDN की भारत में भावी योजनाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है।