13 अगस्त 2026
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जयपुर: ओपन जेल के कैदी गंगासहाय की घर से लौटते वक्त गोली मारकर हत्या, नेता प्रतिपक्ष ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

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जयपुर: ओपन जेल के कैदी गंगासहाय की घर से लौटते वक्त गोली मारकर हत्या, नेता प्रतिपक्ष ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

सारांश

जयपुर के धाबास इलाके में बुधवार शाम सांगानेर ओपन जेल के कैदी गंगासहाय कुमावत को दो नकाबपोश हमलावरों ने मोटरसाइकिल पर गोली मार दी — तीन राउंड फायरिंग में एक गोली सिर में लगी और मौत मौके पर हुई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर को 'डर की राजधानी' बताते हुए सरकार को घेरा।

मुख्य बातें

गंगासहाय कुमावत (45) , सांगानेर ओपन जेल के कैदी, की 12 अगस्त 2026 को जयपुर के धाबास में घर से जेल लौटते वक्त गोली मारकर हत्या।
दो नकाबपोश हमलावरों ने तीन राउंड फायरिंग की; एक गोली सिर में लगी, मौके पर ही मृत्यु ।
मृतक 2018 के हत्या मामले में दोषी था और हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या में सजा काट रहा था।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर को 'डर और आतंक की छाया में जी रही राजधानी' बताया।
हमलावर फरार; जयपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण के नेतृत्व में जाँच जारी।

जयपुर के कर्णी विहार थाना क्षेत्र के धाबास स्थित जानकी विहार इलाके में बुधवार, 12 अगस्त 2026 की शाम एक दोषी कैदी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। सांगानेर ओपन जेल में बंद गंगासहाय कुमावत (45) अपने घर से जेल लौट रहे थे, तभी दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर तीन राउंड फायरिंग की। एक गोली उनके सिर में लगी और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।

घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या

पुलिस के अनुसार, गंगासहाय कुमावत मोटरसाइकिल पर सवार होकर धाबास स्थित अपने घर से सांगानेर ओपन जेल की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान दो नकाबपोश हमलावर उनके पास पहुँचे और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। तीन गोलियाँ चलाई गईं, जिनमें से एक सीधे उनके सिर में जा लगी।

घटना की सूचना मिलते ही कर्णी विहार, भांकरोटा और चित्रकूट थाना की पुलिस मौके पर पहुँची। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी इकट्ठा हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और जाँच शुरू कर दी।

जयपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मृतक की पृष्ठभूमि: हत्या के दोषी थे गंगासहाय

पुलिस जाँच में सामने आया है कि गंगासहाय कुमावत वर्ष 2018 के एक हत्या मामले में सजा काट रहे थे। वे मोती डूंगरी क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या के दोषी पाए गए थे।

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, 25 अप्रैल 2018 को शास्त्री नगर निवासी धर्मेंद्र गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बड़े भाई महेंद्र गुर्जर 23 अप्रैल को मोटरसाइकिल से धाबास के एकता नगर स्थित अपने मकान गए थे। बाद में परिचितों से पता चला कि बालाजी इलेक्ट्रिकल्स के मालिक गंगासहाय का महेंद्र से विवाद हुआ, जिसके दौरान हमला किया गया और महेंद्र की मृत्यु हो गई। दोषसिद्धि के बाद गंगासहाय को सांगानेर ओपन जेल में रखा गया था।

गौरतलब है कि ओपन जेल की व्यवस्था के तहत कैदियों को अपने घर आने-जाने की सीमित अनुमति होती है — और इसी दौरान गंगासहाय पर जानलेवा हमला हुआ।

नेता प्रतिपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

राजस्थान विधानसभा में नेता विपक्ष टीकाराम जूली ने इस घटना पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जयपुर 'डर और आतंक की छाया में जी रही राजधानी' बन गया है।

जूली ने कहा, 'धाबास क्षेत्र में दिनदहाड़े बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मार दी और तीन राउंड फायरिंग की। राजधानी में अपराधियों की इस बेखौफ फायरिंग से साफ है कि कानून का डर खत्म हो चुका है। आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।'

उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना सवाल दागा — 'राजस्थान आखिर कब तक भय के माहौल में जीता रहेगा?' जूली ने पुलिस हिरासत और ओपन जेल व्यवस्था में कैदियों की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता जताई।

आगे क्या: जाँच और सुरक्षा सवाल

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। अभी तक किसी संदिग्ध को हिरासत में नहीं लिया गया है।

यह घटना ओपन जेल व्यवस्था की सुरक्षा खामियों पर नए सवाल खड़े करती है — विशेष रूप से तब, जब दोषी कैदी बाहरी आवाजाही के दौरान पूरी तरह असुरक्षित रहते हैं। आलोचकों का कहना है कि राज्य सरकार को ओपन जेल नियमावली की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ओपन जेल नियमावली की समीक्षा का कोई संकेत नहीं है। विपक्ष की आलोचना राजनीतिक है, लेकिन सवाल असली है: क्या राज्य सरकार ओपन जेल से बाहर जाने वाले कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई प्रोटोकॉल बनाएगी, या यह मामला भी सुर्खियों तक सिमट कर रह जाएगा?
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में कैदी गंगासहाय कुमावत की हत्या कैसे हुई?
सांगानेर ओपन जेल के कैदी गंगासहाय कुमावत (45) की 12 अगस्त 2026 को जयपुर के धाबास इलाके में मोटरसाइकिल पर घर से लौटते वक्त दो नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली सिर में लगी और मौके पर ही मृत्यु हो गई।
गंगासहाय कुमावत किस मामले में जेल में था?
गंगासहाय कुमावत 2018 के एक हत्या मामले में दोषी ठहराए गए थे। वे मोती डूंगरी क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या के दोषी पाए गए थे और सांगानेर ओपन जेल में सजा काट रहे थे।
टीकाराम जूली ने इस घटना पर क्या कहा?
राजस्थान विधानसभा में नेता विपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जयपुर 'डर और आतंक की छाया में जी रही राजधानी' बन गया है। उन्होंने कहा कि राजधानी में अपराधियों की बेखौफ फायरिंग से साफ है कि कानून का डर खत्म हो चुका है और आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
सांगानेर ओपन जेल की व्यवस्था क्या है और इसमें क्या खामी उजागर हुई?
ओपन जेल व्यवस्था में कैदियों को सीमित शर्तों पर घर आने-जाने की अनुमति होती है। इस घटना ने उजागर किया कि बाहरी आवाजाही के दौरान कैदियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस प्रोटोकॉल नहीं है, जिससे वे हमले के लिए असुरक्षित हो जाते हैं।
हत्याकांड की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
जयपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण के अनुसार, हमलावर मौके से फरार हो गए। कर्णी विहार, भांकरोटा और चित्रकूट थाना पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और जाँच जारी है; अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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