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अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल हत्याकांड: जगन गुर्जर का मुख्य आरोपी विष्णु जाट गिरफ्तार

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अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल हत्याकांड: जगन गुर्जर का मुख्य आरोपी विष्णु जाट गिरफ्तार

सारांश

अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में पूर्व चंबल डकैत जगन गुर्जर की हत्या का मुख्य आरोपी विष्णु सिंह जाट गिरफ्तार। आरोपी ने सीसीटीवी पर टूथपेस्ट लगाकर सबूत मिटाए और शव को पंखे से लटकाकर आत्महत्या दिखाने की कोशिश की — राजस्थान की सबसे सुरक्षित जेल की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में।

मुख्य बातें

पुलिस ने 3 जुलाई को प्रोडक्शन वारंट के जरिए विष्णु सिंह जाट को अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल से सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन लाया।
हत्या 29 जून को हुई; पूर्व चंबल डकैत जगन गुर्जर को तौलिया और गमछे से गला घोंटकर मारा गया।
आरोपी ने शव को 13 फीट ऊँचे पंखे से लटकाकर घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की।
हत्या से पहले बैरक के सीसीटीवी कैमरे पर टूथपेस्ट लगाकर रिकॉर्डिंग बाधित की गई।
विष्णु भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड में भी आरोपी है।
दोनों कैदी 'हाई-रिस्क' श्रेणी में थे और अलग बैरकों में रखे गए थे — जेल सुरक्षा में चूक की जांच जारी।

जयपुर, 3 जुलाईअजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल में पूर्व चंबल डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मुख्य आरोपी विष्णु सिंह जाट को पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के ज़रिए हिरासत में ले लिया है। 29 जून को हुई इस हत्या ने राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

जांच के अनुसार, विष्णु सिंह जाट ने कहासुनी या पुरानी दुश्मनी के चलते तौलिया और गमछे से गला घोंटकर जगन गुर्जर की हत्या की। गौरतलब है कि विष्णु पहले से ही भरतपुर के हाई-प्रोफाइल कुलदीप जघीना हत्याकांड में भी आरोपी है।

मामले की गंभीरता और धौलपुर सहित सीमावर्ती जिलों में व्याप्त तनाव को देखते हुए, विष्णु को भारी सुरक्षा के बीच बख्तरबंद वाहन में अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल से सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन लाया गया। इस दौरान हथियारों से लैस पुलिस दल का नेतृत्व सर्कल ऑफिसर शिवम जोशी, सिविल लाइंस एसएचओ शंभू सिंह शेखावत और सब-इंस्पेक्टर गिरिराज शर्मा ने किया।

हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश

जांचकर्ताओं के अनुसार, हत्या के बाद विष्णु ने घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि उसने उसी गमछे का इस्तेमाल कर जगन गुर्जर के शव को लगभग 13 फीट ऊँचे छत के पंखे से लटकाने का प्रयास किया, ताकि जेल अधिकारियों और फोरेंसिक जांचकर्ताओं को गुमराह किया जा सके। हालाँकि, क्राइम सीन की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि मौत गला घोंटे जाने से हुई, न कि आत्महत्या से।

सबूत मिटाने की साजिश

पुलिस के मुताबिक, विष्णु ने हत्या से पहले बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे पर टूथपेस्ट लगा दिया था, जिससे घटना रिकॉर्ड नहीं हो पाई और शुरुआती जांच में बाधा उत्पन्न हुई। यह सुनियोजित कदम इस बात का संकेत देता है कि हत्या पूर्व-नियोजित थी।

जेल सुरक्षा पर सवाल

जेल नियमों के अनुसार, विष्णु जाट और जगन गुर्जर दोनों को 'हाई-रिस्क' कैदी की श्रेणी में रखा गया था और उन्हें अलग-अलग बैरकों में रखा गया था। जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद विष्णु अपनी निर्धारित सेल से निकलकर गुर्जर की बैरक तक कैसे पहुँचा। आलोचकों का कहना है कि यह घटना जेल प्रशासन की संभावित चूक या मिलीभगत की ओर इशारा करती है।

आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया

पुलिस जल्द ही विष्णु को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की माँग करेगी। जांचकर्ताओं का लक्ष्य हत्या के पीछे की असली वजह — चाहे वह निजी दुश्मनी हो, किसी बड़े गैंग की साजिश हो, या जेल प्रशासन की लापरवाही — का पर्दाफाश करना है। इस मामले से धौलपुर के गुर्जर-बहुल इलाकों में फैले आक्रोश को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजस्थान की जेल प्रशासन व्यवस्था की गहरी विफलता का प्रतीक है। दो 'हाई-रिस्क' कैदियों को अलग रखने के बावजूद एक का दूसरे की बैरक तक पहुँचना, सीसीटीवी को टूथपेस्ट से ढकना — ये सब संकेत देते हैं कि या तो निगरानी तंत्र बेहद कमज़ोर है, या जांच जैसा संकेत कर रही है, उसमें भीतरी मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। धौलपुर में सामुदायिक आक्रोश इस बात की याद दिलाता है कि जेल के भीतर होने वाली हिंसा की सामाजिक कीमत जेल की दीवारों से बाहर तक जाती है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन गुर्जर की हत्या कब और कहाँ हुई?
जगन गुर्जर की हत्या 29 जून को अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल की बैरक के अंदर हुई। उन्हें तौलिया और गमछे से गला घोंटकर मारा गया और बाद में शव को पंखे से लटका दिया गया।
मुख्य आरोपी विष्णु सिंह जाट कौन है?
विष्णु सिंह जाट अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद एक हाई-रिस्क कैदी है, जो पहले से भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड में भी आरोपी है। जांच के अनुसार उसने जगन गुर्जर की हत्या पुरानी दुश्मनी के चलते की।
आरोपी ने सबूत मिटाने की क्या कोशिश की?
पुलिस के मुताबिक विष्णु ने हत्या से पहले बैरक के सीसीटीवी कैमरे पर टूथपेस्ट लगाकर रिकॉर्डिंग बाधित की। इसके बाद उसने शव को 13 फीट ऊँचे पंखे से लटकाकर घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की, जिसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खारिज कर दिया।
अजमेर जेल की सुरक्षा पर क्या सवाल उठे हैं?
दोनों कैदियों को हाई-रिस्क मानते हुए अलग-अलग बैरकों में रखा गया था, फिर भी विष्णु गुर्जर की बैरक तक पहुँच गया। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि यह जेल प्रशासन की चूक थी या किसी की मिलीभगत।
राष्ट्र प्रेस
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