डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार: धौलपुर के भावुतिपुरा में नौ थानों की पुलिस तैनात, तीन भाई जेल से लाए गए
सारांश
मुख्य बातें
अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में 29 जून को कथित तौर पर हत्या किए गए डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार बुधवार, 1 जुलाई को धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित पैतृक गांव भावुतिपुरा में संपन्न हुआ। जगन के पुत्र आसाराम ने चिता को मुखाग्नि दी, जबकि नौ थानों की पुलिस और करीब 100 पुलिसकर्मी पूरे इलाके में तैनात रहे।
अंतिम संस्कार में सुरक्षा का कड़ा घेरा
जगन गुर्जर का शव सुबह करीब 7:30 बजे भावुतिपुरा पहुंचा। इस दौरान पूरा गांव एक किले में तब्दील हो गया था। सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालंगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा और मनिया — इन नौ थानों की पुलिस पूरे इलाके में चप्पे-चप्पे पर मौजूद रही। सुरक्षा इंतजामों की निगरानी स्वयं एडिशनल एसपी श्रवण कुमार और सर्कल ऑफिसर महेंद्र कुमार ने की।
तीन भाइयों को जेल से लाया गया
जगन के तीन भाई — पान सिंह, लाल सिंह और पप्पू सिंह — को एसटीएफ की कड़ी निगरानी में जेल से भावुतिपुरा लाया गया। तीनों को अलग-अलग टीमों ने एस्कॉर्ट किया — अजमेर पुलिस, धौलपुर एसटीएफ और धौलपुर पुलिस ने यह जिम्मेदारी संभाली। भाई को अंतिम बार देखने के बाद तीनों को तत्काल वापस जेल भेज दिया गया।
जेल के भीतर हत्या का आरोप
परिवार के अनुसार, 29 जून को अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल की बैरक के भीतर भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने तौलिए से जगन का गला घोंट दिया। दोनों खतरनाक कैदियों को एक ही बैरक में रखा गया था — यह तथ्य जेल प्रशासन की प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाता है। घटना के बाद परिवार ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को अधिकारियों से बातचीत के बाद परिवार पोस्टमार्टम के लिए राजी हुआ, जो शव सौंपे जाने से पहले अजमेर में कराया गया।
सीसीटीवी से छेड़छाड़ और हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश
जेल सुपरिटेंडेंट पारस जांगिड़ के अनुसार, बैरक के बाहर के सीसीटीवी फुटेज में घटना से पहले जगन और विष्णु को सामान्य रूप से बातचीत करते देखा गया था। हालांकि जांचकर्ताओं को सीसीटीवी कैमरे पर टूथपेस्ट लगा मिला — जो कथित तौर पर रिकॉर्डिंग बाधित करने की कोशिश का संकेत है। इसके अलावा पंखे से एक गमछा लटका मिला, जिससे संदेह है कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
परिवार और स्थानीय नेताओं की माँग
बाड़ी के पूर्व प्रधान पूरन सिंह ने इस घटना को 'जेल प्रशासन की पूर्ण विफलता' करार दिया और निष्पक्ष जाँच के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। जगन के बेटे आसाराम ने बाड़ी पुलिस स्टेशन के एसएचओ पर अपने पिता को एक आपराधिक मामले में झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। यह मामला अब राजस्थान की जेल सुरक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।