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जगन गुर्जर हत्याकांड: पोस्टमार्टम में खुलासा — गला दबाने से टूटी हायॉइड बोन, आज धौलपुर में अंतिम संस्कार

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जगन गुर्जर हत्याकांड: पोस्टमार्टम में खुलासा — गला दबाने से टूटी हायॉइड बोन, आज धौलपुर में अंतिम संस्कार

सारांश

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई जगन गुर्जर की हत्या में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने गला दबाने से हायॉइड बोन टूटने और तीन मिनट में दम घुटने से मौत की पुष्टि की। घटनास्थल का सीसीटीवी कैमरा उस वक्त खराब था — राज्य की सबसे सुरक्षित जेल की साख पर सवाल।

मुख्य बातें

कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई।
छह डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गला दबाने से हायॉइड बोन टूटी और तीन मिनट में एस्फिक्सिया से मौत हुई।
परिवार का आरोप — भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने तौलिये से गला घोंटकर हत्या की।
घटनास्थल का सीसीटीवी कैमरा वारदात के समय खराब था।
पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 7:30 बजे पैतृक गाँव भवूतिपुरा, धौलपुर पहुँचा; आज अंतिम संस्कार होगा।
छोटे भाई पप्पू गुर्जर को मंगलवार रात 1 बजे अजमेर से धौलपुर लाया गया।

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत की वजह स्पष्ट कर दी है। छह डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड द्वारा अजमेर में किए गए पोस्टमार्टम के अनुसार, गले पर जोरदार दबाव पड़ने से हायॉइड बोन (गर्दन की हड्डी) टूट गई, जिससे उसकी मौत हुई। डॉक्टरों ने बताया कि हमले के करीब तीन मिनट के भीतर दम घुटने (एस्फिक्सिया) से जगन गुर्जर की जान गई।

पोस्टमार्टम में क्या सामने आया

मेडिकल बोर्ड की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, जगन गुर्जर की गर्दन के मध्य भाग में आंतरिक रक्तस्राव (इंटरनल हेमरेज) पाया गया। इसके साथ ही श्वासनली (ट्रेकिया) और भोजन नली (इसोफेगस) के आसपास भी गंभीर चोटों के निशान मिले। चिकित्सकों के अनुसार, गले और गर्दन पर असाधारण रूप से तीव्र दबाव डाले जाने के कारण यह चोटें आईं।

परिजनों का आरोप और घटनाक्रम

परिवार का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जेल के भीतर जगन गुर्जर के अपने ही तौलिये से गला घोंटकर उसकी हत्या की। घटना के समय दोनों — विष्णु और जगन गुर्जर — कुख्यात कैदियों के रूप में एक ही बैरक में बंद थे। जांच में यह भी सामने आया कि जिस बैरक में यह वारदात हुई, वहाँ लगा सीसीटीवी कैमरा घटना के समय खराब था।

शव धौलपुर पहुँचा, अंतिम संस्कार आज

हत्या के बाद परिवार न्याय की माँग को लेकर लगातार विरोध कर रहा था। प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया। बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे जगन गुर्जर का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गाँव भवूतिपुरा, धौलपुर के डांग क्षेत्र पहुँचा। सुबह 6 बजे से ही ग्रामीणों और समर्थकों की भीड़ अंतिम दर्शन के लिए जुटनी शुरू हो गई थी। आज उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

भाई को भी लाया गया धौलपुर

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जगन गुर्जर के छोटे भाई पप्पू गुर्जर को मंगलवार देर रात करीब 1 बजे अजमेर से धौलपुर लाया गया, ताकि वह अंतिम संस्कार में शामिल हो सके।

जेल सुरक्षा पर उठे सवाल

राज्य की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर हुई इस हत्या ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। घटनास्थल का सीसीटीवी कैमरा निष्क्रिय होना इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है और आगे की कार्रवाई जाँच के नतीजों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक जेल के भीतर जवाबदेही के दावे खोखले ही रहेंगे।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन गुर्जर की मौत कैसे हुई?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, गले पर जोरदार दबाव पड़ने से हायॉइड बोन टूट गई और एस्फिक्सिया (दम घुटने) से मौत हुई। छह डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने पुष्टि की कि हमले के करीब तीन मिनट के भीतर मौत हो गई।
जगन गुर्जर की हत्या किसने की?
परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जेल के भीतर जगन गुर्जर के अपने तौलिये से गला घोंटकर उसकी हत्या की। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सीसीटीवी क्यों नहीं था?
जाँच में सामने आया कि जिस बैरक में यह वारदात हुई, वहाँ लगा सीसीटीवी कैमरा घटना के समय खराब था। यह तथ्य राज्य की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल की निगरानी-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार कब और कहाँ होगा?
जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (1 जुलाई) उसके पैतृक गाँव भवूतिपुरा, धौलपुर के डांग क्षेत्र में किया जाएगा। पार्थिव शरीर बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे गाँव पहुँचा और सुबह 6 बजे से ही ग्रामीणों और समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
जगन गुर्जर हत्याकांड से जेल प्रशासन पर क्या असर पड़ा?
इस हत्या ने अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। दो कुख्यात कैदियों को एक ही बैरक में रखने और सीसीटीवी के निष्क्रिय होने की जाँच की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जाँच में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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