प्रियंका गांधी ने संसद में पीएम मोदी के बयान पर चर्चा की मांग उठाई
सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी के बयान पर चर्चा की मांग की।
- कांग्रेस और राजद के सांसदों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
- पीएम मोदी ने ऊर्जा संकट के समाधान के लिए विकल्पों की चर्चा की।
- संसद में विभिन्न राजनीतिक विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में पीएम मोदी के बयान पर एआईसीसी महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने आज ताजा हालात को लेकर देश को अवगत कराया है। उन्होंने ज्यादा नई बातें नहीं कही हैं। हमने चर्चा के लिए जो नोटिस किया है, उस पर चर्चा होनी चाहिए। सभी पक्षों के विचार सामने आने चाहिए।
संसद में पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने कहा कि हमने चर्चा की मांग की थी। रूलिंग पार्टी हमें चर्चा का अवसर नहीं दे रही है। प्रधानमंत्री ने पढ़कर बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह बयान जमीनी स्तर से काफी डिस्कनेक्ट था। एलपीजी की कमी है और इसके समाधान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। किसान हजारों टन फल लेकर संकट में हैं।
संसद में पीएम मोदी के बयान को लेकर राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि प्रधानमंत्री को इतना वक्त लग गया। कितनी चीजों पर पर्दा डाला जाएगा? ईरान के स्कूल पर हमला हुआ, इस पर कुछ नहीं बोला गया। विपक्ष को पैनिक के लिए दोषी ठहराया गया। आज आप इसे स्वीकार कर रहे हैं। यह पहले होना चाहिए था।
पीएम मोदी के संसद में बयान पर भाजपा सांसद एसपी सिंह बघेल ने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट पर हरदीप पुरी और विदेश मंत्री जयशंकर ने कई बार वक्तव्य दिए थे। आज पीएम मोदी ने लोकसभा में इस संकट पर भारत की भूमिका और वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ऊर्जा संकट के समाधान के लिए विकल्पों की तलाश की।
लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि जहां तक डिप्लोमेसी का सवाल है, भारत की भूमिका स्पष्ट है। हमने इस संघर्ष के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी संबंधित नेताओं से बातचीत की है। मैंने सभी से तनाव कम करने और संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया है।