पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: एनडीए गठबंधन को 16-20 सीटें, कांग्रेस 6-8 पर सिमटती दिखी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 9 अप्रैल को सभी 30 सीटों पर एकल चरण में मतदान संपन्न हुआ, और अब एग्जिट पोल के आंकड़े एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बढ़त दे रहे हैं। एक्सिस माई इंडिया, जेवीसी और पीपुल्स पल्स — तीनों प्रमुख एजेंसियों के सर्वे में भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत के करीब या उससे ऊपर आँका गया है। मतगणना 4 मई 2026 को होगी और सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 17 सीटें चाहिए होंगी।
तीन एजेंसियों के एग्जिट पोल के आंकड़े
एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए गठबंधन को 16 से 20 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस गठबंधन को महज 6 से 8 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों के खाते में 3 से 7 सीटें जाने की संभावना जताई गई है।
जेवीसी के सर्वे में भाजपा गठबंधन को 15 से 17 सीटें और कांग्रेस गठबंधन को 11 से 13 सीटें मिलने का अनुमान है। इस सर्वे में अभिनेता विजय की पार्टी तमिझगा वेट्री कषगम (TVK) को 1 से 2 सीटें मिलने की संभावना भी दर्शाई गई है।
पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल में भी भाजपा गठबंधन को 15 से 18 सीटें और कांग्रेस गठबंधन को 6 से 8 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य दलों को इस सर्वे में 1 से 12 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
रिकॉर्ड मतदान: लोकतांत्रिक भागीदारी का नया अध्याय
चुनाव आयोग (ECI) के आंकड़ों के अनुसार, इस बार पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता उदासीनता की चिंता बढ़ती जा रही है।
इस चुनाव में कुल 9,50,311 मतदाता पंजीकृत थे — जिनमें 4,46,361 पुरुष, 5,03,810 महिलाएँ और 140 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे। मैदान में कुल 294 उम्मीदवार उतरे थे।
विधानसभा की संरचना और बहुमत का गणित
पुडुचेरी विधानसभा में 30 निर्वाचित सीटों के अलावा 3 सदस्य उपराज्यपाल द्वारा नामित किए जाते हैं, जिससे सदन की कुल संख्या 33 हो जाती है। सरकार बनाने के लिए 17 सीटों का जादुई आंकड़ा पार करना होगा। गौरतलब है कि पुडुचेरी की राजनीति ऐतिहासिक रूप से अस्थिर रही है — पिछले कार्यकाल में भी सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई थी।
एग्जिट पोल की सीमाएँ और आगे की राह
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि एग्जिट पोल के आंकड़े अंतिम परिणाम नहीं हैं और अतीत में ये अनुमान गलत भी साबित हुए हैं। 4 मई 2026 को मतगणना के बाद ही वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी। तीनों एजेंसियों के अनुमानों में कांग्रेस गठबंधन की सीटों की संख्या में उल्लेखनीय अंतर है, जो दर्शाता है कि मुकाबला अनिश्चित बना हुआ है।