पुडुचेरी में विधायक दल का नेता चुनने के लिए BJP ने मांडविया और सुराना को बनाया केंद्रीय पर्यवेक्षक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संसदीय बोर्ड ने 4 मई 2026 को पुडुचेरी विधानसभा में विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और BJP के पुडुचेरी प्रभारी निर्मल कुमार सुराना को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। केंद्र शासित प्रदेश में 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को दोबारा बहुमत मिला है।
मुख्य घटनाक्रम
BJP के संसदीय बोर्ड के निर्देश पर डॉ. मनसुख मांडविया और निर्मल कुमार सुराना आगामी दिनों में विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे। ये दोनों नेता पुडुचेरी में NDA विधायकों के बीच सहमति बनाकर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का निर्धारण करेंगे। यह प्रक्रिया केंद्रीय नेतृत्व की सीधी निगरानी में संपन्न होगी।
चुनाव परिणाम: किसे मिली कितनी सीटें
9 अप्रैल 2026 को पुडुचेरी की 30 निर्वाचित सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें कुल 294 उम्मीदवार मैदान में थे। परिणामों के अनुसार, ऑल इंडिया एन. आर. कांग्रेस (AINRC) को 12 सीटें, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को 5 सीटें, BJP को 4 सीटें, तमिलागा वेत्री कझगम को 2 सीटें, कांग्रेस को 1 सीट, ADMK को 1 सीट, नेयम मक्कल कझगम (NYMK) को 1 सीट और 3 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इसके अलावा विधानसभा में 3 सदस्य उपराज्यपाल द्वारा नामित किए जाते हैं।
गठबंधन की राजनीति और सीट-बंटवारे का विवाद
चुनाव से पूर्व 23 मार्च को हुए सीट-बंटवारे समझौते के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और DMK क्रमशः 17 और 13 सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमत हुए थे। हालाँकि, कांग्रेस ने DMK को आवंटित 5 सीटों पर पहले ही अपने उम्मीदवार उतार दिए थे, जिसके कारण इन पाँच निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों सहयोगी दलों के बीच सीधा मुकाबला हुआ। गौरतलब है कि इस आंतरिक टकराव ने सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस की एकजुटता पर सवाल खड़े किए।
रिकॉर्ड मतदान और मतदाता आँकड़े
पुडुचेरी में इस बार 9,50,311 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें 4,46,361 पुरुष, 5,03,810 महिलाएँ और 140 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे। चुनाव आयोग के आँकड़ों के अनुसार, इस बार 89.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक मतदान है।
आगे क्या होगा
केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के बाद अब सभी की निगाहें NDA के विधायक दल के नेता की घोषणा पर टिकी हैं, जो पुडुचेरी के अगले मुख्यमंत्री का नाम तय करेगी। AINRC के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन के पास बहुमत है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर गठबंधन के भीतर सहमति बनाना BJP की प्राथमिकता होगी।