समुद्री सुरक्षा को मजबूती: पुडुचेरी में अत्याधुनिक OTM कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन, DG परमेश शिवमणि ने किया लोकार्पण
सारांश
Key Takeaways
- डीजी परमेश शिवमणि ने 25 अप्रैल 2025 को पुडुचेरी में OTM प्रशासनिक परिसर का उद्घाटन किया।
- तटरक्षक जिला मुख्यालय संख्या 13 पुडुचेरी और मध्य तमिलनाडु के 140 समुद्री मील से अधिक क्षेत्र की निगरानी करता है।
- नए परिसर में उन्नत संचालन केंद्र स्थापित किया गया है जो समुद्री बचाव उप-केंद्र के साथ एकीकृत प्लेटफॉर्म पर काम करेगा।
- यह परिसर 'आधुनिक बल, आधुनिक अवसंरचना' की अवधारणा को साकार करता है।
- इस कदम को भारत की 'सागर' नीति के तहत पूर्वी तट की समुद्री सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
- समुद्री आपात स्थितियों में त्वरित कमान और नियंत्रण के लिए एकीकृत डिजिटल प्रणाली तैयार की गई है।
पुडुचेरी, 25 अप्रैल। भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को एक नई ताकत मिली है। भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक डीजी परमेश शिवमणि ने शनिवार, 25 अप्रैल को पुडुचेरी स्थित तटरक्षक जिला मुख्यालय संख्या 13 के अत्याधुनिक OTM प्रशासनिक परिसर का विधिवत उद्घाटन किया। यह परिसर विशेष रूप से पूर्वी तट पर बढ़ती सामरिक और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
आधुनिक अवसंरचना की नई परिभाषा
नवनिर्मित OTM कॉम्प्लेक्स 'आधुनिक बल, आधुनिक अवसंरचना' की अवधारणा को धरातल पर उतारता है। इसे इस प्रकार अभिकल्पित किया गया है कि परिचालन दक्षता और प्रशासनिक क्षमता दोनों एक साथ सुदृढ़ हों।
परिसर में एक उन्नत संचालन केंद्र स्थापित किया गया है, जो पुडुचेरी स्थित समुद्री बचाव उप-केंद्र के साथ समन्वय करते हुए कमान, नियंत्रण और समन्वय के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इससे समुद्री आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया संभव होगी।
तटरक्षक जिला मुख्यालय-13 की जिम्मेदारी और क्षेत्र
तटरक्षक जिला मुख्यालय संख्या 13 पुडुचेरी और मध्य तमिलनाडु के विस्तृत तटीय क्षेत्रों की निगरानी करता है। यह मुख्यालय 140 समुद्री मील से अधिक के समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है।
इस मुख्यालय का प्राथमिक दायित्व समुद्र में जीवन और संपत्ति की रक्षा करना, समुद्री पर्यावरण का संरक्षण करना और भारत के व्यापक समुद्री हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नए परिसर के संचालन में आने से इन सभी कार्यों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
पूर्वी तट पर सामरिक महत्व
भारत का पूर्वी तट रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। बंगाल की खाड़ी में बढ़ती गतिविधियों, अवैध मछली पकड़ने, मानव तस्करी और समुद्री सीमा उल्लंघन की घटनाओं को देखते हुए इस क्षेत्र में आधुनिक अवसंरचना की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
गौरतलब है कि भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों में 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। OTM कॉम्प्लेक्स इसी दिशा में एक ठोस और दीर्घकालिक कदम है।
प्रभाव और आगे की राह
नए प्रशासनिक परिसर से तटरक्षक जिला मुख्यालय-13 की परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार आएगा। समुद्री खोज और बचाव अभियानों में लगने वाला समय कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आधुनिक केंद्रों की स्थापना न केवल सुरक्षा बल्कि स्थानीय मछुआरों और समुद्री व्यापार के लिए भी सकारात्मक संकेत है। आने वाले समय में इसी मॉडल पर देश के अन्य तटीय जिलों में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जाने की संभावना है।