24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुणे को मिली UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032 की मेजबानी, भारत में पहली बार होगा यह ऐतिहासिक आयोजन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुणे को मिली UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032 की मेजबानी, भारत में पहली बार होगा यह ऐतिहासिक आयोजन

सारांश

भारत ने पहली बार UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी हासिल की — 2032 में पुणे वह शहर बनेगा जहाँ 30 करोड़ दर्शकों की नज़रें टिकती हैं। नीदरलैंड्स को पछाड़कर मिली यह जीत महज एक साइकिलिंग बोली नहीं, बल्कि 2036 ओलंपिक की ओर भारत के वैश्विक खेल महत्वाकांक्षाओं का अगला बड़ा पड़ाव है।

मुख्य बातें

पुणे को UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032 की मेजबानी मिली — यह पहली बार होगा जब यह आयोजन भारत में होगा।
निर्णय की पुष्टि 24 सितंबर 2026 को कनाडा के मॉन्ट्रियल में UCI कांग्रेस के दौरान हुई।
अंतिम मुकाबले में नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन/ड्रेंटे को पीछे छोड़कर पुणे ने बाजी मारी।
महाराष्ट्र सरकार और साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI) ने भारत सरकार के समर्थन से संयुक्त बोली लगाई।
2025 UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप में 113 देशों के 734 राइडर्स और 30 करोड़ वैश्विक टीवी दर्शक शामिल हुए थे।
यह आयोजन भारत की 2036 ओलंपिक मेजबानी की बड़ी महत्वाकांक्षा के अनुरूप है।

यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशनेल (UCI) रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032 की मेजबानी भारत के पुणे को मिल गई है — यह पहली बार होगा जब यह प्रतिष्ठित वैश्विक साइकिलिंग प्रतियोगिता भारतीय धरती पर आयोजित की जाएगी। कनाडा के मॉन्ट्रियल में आयोजित UCI कांग्रेस के दौरान 24 सितंबर 2026 को इस निर्णय की आधिकारिक पुष्टि की गई।

कैसे मिली मेजबानी

यह ऐतिहासिक उपलब्धि महाराष्ट्र सरकार, साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI) और भारत सरकार के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। अंतिम दौर में पुणे और नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन/ड्रेंटे के बीच मुकाबला था। इससे पहले कोलंबिया और मेक्सिको दौड़ से बाहर हो गए थे।

UCI की तीन सदस्यीय जाँच टीम ने 4 से 6 सितंबर के बीच पुणे का दौरा किया और बालेवाड़ी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी सर्किट तथा प्रस्तावित रेस संरचना, आवास और अन्य व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया।

प्रतिनिधिमंडल की भूमिका

मॉन्ट्रियल में 2026 UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान पुणे की अंतिम बिड पेश की गई। पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी और साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल मनिंदर पाल सिंह ने मेजबानी के लिए औपचारिक प्रस्तुति दी। महाराष्ट्र सरकार का वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर पर उपस्थित था।

क्या बोले UCI प्रेसिडेंट और भारतीय अधिकारी

UCI प्रेसिडेंट डेविड लैपर्टिएंट ने कहा, 'पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने बजाज पुणे ग्रैंड टूर पर जो रिपोर्ट दी, वह बहुत हौसला देने वाली है। साइकिलिंग नए क्षेत्रों में विकसित हो रही है — इसमें एक शीर्ष खेल बनने की संभावना है। भारत एक ऐसा देश है जहाँ हमारे खेल का भविष्य अच्छा है।'

जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने कहा, 'यह पुणे के लिए एक अहम पल है और महाराष्ट्र सरकार और साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के बीच एक जैसे विजन का नतीजा है। UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी सिर्फ एक साइकिलिंग रेस तक सीमित नहीं है — यह एलीट स्पोर्ट, जनभागीदारी, वैश्विक ब्रॉडकास्टिंग, पर्यटन और आर्थिक प्रभाव को एकसाथ लाती है।'

CFI सेक्रेटरी जनरल मनिंदर पाल सिंह ने कहा, 'इंडियन साइकिलिंग के लिए यह हिस्सा लेने से प्रदर्शन की ओर बढ़ने का मौका है। 2032 तक आने वाले वर्ष हमारे एथलीट, कोच और तकनीकी अधिकारियों के लिए मजबूत रास्ते बनाने के बारे में होंगे।'

आयोजन का वैश्विक पैमाना

UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप साइकिलिंग जगत का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन है। किगाली में 2025 संस्करण में 113 देशों के 734 राइडर्स ने भाग लिया, जबकि 20 लाख दर्शक सीधे मैदान में मौजूद थे। दुनिया भर में करीब 30 करोड़ लोगों ने इसे टेलीविजन पर देखा।

भारत के लिए क्या मायने रखता है यह आयोजन

यह आयोजन भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत देश वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए खुद को तैयार कर रहा है — इसमें 2036 ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य सबसे प्रमुख है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में साइकिलिंग के बुनियादी ढाँचे और जनभागीदारी को बड़े पैमाने पर विस्तार देने की जरूरत महसूस की जा रही है। गौरतलब है कि यह पहली बार होगा जब एशिया में किसी उभरती साइकिलिंग अर्थव्यवस्था को इस स्तर का आयोजन सौंपा गया है। अगले छह वर्ष भारत के लिए एथलीट विकास, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता के समावेश और खेल पर्यटन को बढ़ावा देने का निर्णायक अवसर होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना होगा। भारतीय साइकिलिंग अभी भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहद शुरुआती दौर में है — 2032 तक एथलीट तैयार करने का समय सीमित है और संरचनात्मक निवेश की मंशा और उसका क्रियान्वयन अक्सर अलग-अलग राहें लेते हैं। यदि इस मेजबानी का उपयोग केवल ब्रांडिंग के बजाय वास्तविक खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में हुआ, तो यह भारतीय खेल इतिहास में एक वाटरशेड पल बन सकता है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032 भारत में कहाँ आयोजित होगी?
UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032 का आयोजन महाराष्ट्र के पुणे में होगा। बालेवाड़ी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी सर्किट प्रमुख वेन्यू प्रस्तावित हैं।
भारत को यह मेजबानी कैसे मिली?
महाराष्ट्र सरकार, साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और भारत सरकार के संयुक्त प्रयास से पुणे ने बोली जीती। अंतिम दौर में नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन/ड्रेंटे को पीछे छोड़ा गया और 24 सितंबर 2026 को मॉन्ट्रियल में UCI कांग्रेस के दौरान इसकी पुष्टि हुई।
UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप कितना बड़ा आयोजन है?
यह साइकिलिंग का सबसे बड़ा वार्षिक वैश्विक आयोजन है। 2025 संस्करण में 113 देशों के 734 राइडर्स ने हिस्सा लिया और करीब 30 करोड़ लोगों ने टेलीविजन पर इसे देखा।
इस मेजबानी से भारत को क्या फायदा होगा?
यह आयोजन भारत में साइकिलिंग के बुनियादी ढाँचे, एथलीट विकास, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता और खेल पर्यटन को बढ़ावा देगा। यह भारत की 2036 ओलंपिक मेजबानी की महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप भी है।
क्या भारत में पहले कभी UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप हुई है?
नहीं, 2032 का संस्करण पहली बार होगा जब UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप भारत में आयोजित की जाएगी। यह भारतीय साइकिलिंग और खेल इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 30 मिनट पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले