पुणे में युवक का शव बबूल के पेड़ से बरामद, हावेरी में बिजली गिरने से किसान की मौत
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पुणे जिले और कर्नाटक के हावेरी जिले में 16 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग दर्दनाक हादसों में दो लोगों की मौत हो गई — एक 20 वर्षीय युवक का शव वन क्षेत्र में पेड़ से लटका मिला, जबकि एक 62 वर्षीय किसान खेत में काम के दौरान बिजली गिरने से काल का ग्रास बन गया। दोनों मामलों में पुलिस जाँच जारी है।
पुणे में युवक का शव वन क्षेत्र में मिला
पुणे जिले के इंदापुर तालुका के निमगांव केतकी गाँव से सटे एक आरक्षित वन क्षेत्र में रूपेश कालू मोकाशी का शव 16 अक्टूबर की सुबह लगभग 6 बजे बबूल के पेड़ से लटका पाया गया। मृतक की उम्र 20 वर्ष थी और वह मूल रूप से नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर तालुका के धायतिपाड़ा का निवासी था।
पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर की रात खाना खाने के बाद परिवार के सभी सदस्य सो गए थे। अगली सुबह रूपेश के लापता पाए जाने पर परिवार और दोस्तों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान शव सोनाई डेयरी के सामने वन विभाग द्वारा आरक्षित वन क्षेत्र में मिला।
स्थानीय निवासी पाटिल अतुल डेल ने पुलिस को इसकी सूचना दी। शव को नीचे उतारकर एम्बुलेंस के ज़रिये इंदापुर उप-जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कानूनी प्रक्रिया और जाँच
इंदापुर पुलिस स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृत्यु के कारणों की आगे जाँच की जा रही है और इस मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
हावेरी में बिजली गिरने से किसान की जान गई
कर्नाटक के हावेरी जिले के राणेबेन्नूर तालुक स्थित जोइसराहरलहल्ली गाँव में 62 वर्षीय किसान महादेवप्पा शिदेनूर की खेत में काम करते समय आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, किसान अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गिरी और वे घटनास्थल पर ही दम तोड़ गए।
यह घटना हलगेरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आती है। पुलिस अधिकारी मामले की जाँच कर रहे हैं। गौरतलब है कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में अक्टूबर के इस महीने में मानसून की अंतिम बारिश और तड़ित झंझावात की घटनाएँ बढ़ जाती हैं, जिससे किसानों को विशेष खतरा रहता है।
आम जनता पर असर
बिजली गिरने से किसानों की मौत की घटनाएँ देश के कई हिस्सों में हर साल सामने आती हैं, विशेष रूप से खरीफ फसल की कटाई के मौसम में, जब किसान खुले खेतों में काम कर रहे होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान मौसम विभाग की चेतावनियों के प्रति जागरूकता बेहद ज़रूरी है। दोनों मामलों में पुलिस विस्तृत जाँच कर रही है और आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।