पंजाब भाजपा अध्यक्ष ढिल्लों ने पंच तीर्थ यात्रा के लिए तीन बसें रवाना कीं, 150 श्रद्धालु करेंगे अंबेडकर स्थलों के दर्शन
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रविवार, 14 जून को चंडीगढ़ से डॉ. बीआर अंबेडकर से जुड़ी 'पंच तीर्थ यात्रा' पर निकल रहे श्रद्धालुओं को ले जा रही तीन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 21 जून तक चलने वाली इस यात्रा में लगभग 150 श्रद्धालु भाग ले रहे हैं, जो बाबासाहेब के जीवन और विरासत से जुड़े पाँच प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन करेंगे।
यात्रा में शामिल तीर्थस्थल
इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु महू (डॉ. अंबेडकर का जन्मस्थान), नागपुर स्थित दीक्षाभूमि, मुंबई स्थित चैत्यभूमि, दिल्ली स्थित महापरिनिर्वाण स्थल और दिल्ली में ही बनाए गए वर्चुअल शिक्षा भूमि के दर्शन करेंगे। ये पाँचों स्थान डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्षों और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान के प्रतीक हैं।
केंद्र सरकार का निवेश और विकास
ढिल्लों ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार ने इन स्मारकों के विकास और संरक्षण पर लगभग ₹2,000 करोड़ खर्च किए हैं। उनके अनुसार, इन स्थलों को न केवल भौतिक रूप से पुनर्विकसित किया गया है, बल्कि उनके ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व के बारे में जन-जागरूकता फैलाने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में इन पाँचों तीर्थस्थलों को राष्ट्रीय पहचान और सम्मान दिलाने की पहल की गई है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
इस यात्रा का नेतृत्व पंजाब भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी एस.आर. लद्धर कर रहे हैं। लद्धर ने कहा कि 'पंच तीर्थ यात्रा' का मुख्य उद्देश्य बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना और उनके प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त करना है।
यात्रा का सामाजिक महत्व
यह यात्रा ऐसे समय में आयोजित की जा रही है जब अनुसूचित जाति समुदाय की राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सशक्तिकरण राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बना हुआ है। भाजपा की ओर से इस पहल को दलित समुदाय के साथ जुड़ाव की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस तरह की यात्राओं का विस्तार पंजाब के अन्य जिलों तक भी किए जाने की संभावना बताई जा रही है।