पंजाब की मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना में 3 नए रूट जुड़े, अगस्त से खाटू श्याम-हरिद्वार-मथुरा की यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 19 जुलाई को होशियारपुर जिले के तलवाड़ा में आयोजित 'एक शाम भगवान शिव के नाम' भजन संध्या कार्यक्रम में पंजाब सरकार की मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना के विस्तार की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अगस्त 2025 से श्रद्धालुओं के लिए तीन नए धार्मिक रूट — खाटू श्याम जी-सालासर, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन — शुरू किए जाएंगे।
योजना का विस्तार और नए रूट
केजरीवाल के अनुसार, इन तीनों नए रूटों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया अगस्त महीने से शुरू होगी। अब तक इस योजना के अंतर्गत केवल श्री दरबार साहिब और श्री आनंदपुर साहिब की यात्रा कराई जाती थी। नए रूट जुड़ने से योजना का दायरा हिंदू तीर्थ स्थलों तक भी विस्तृत हो गया है।
राज्य सरकार इस योजना के तहत करीब 1.5 लाख श्रद्धालुओं को मुफ्त तीर्थ यात्रा की सुविधा देने की तैयारी में है। योजना के अंतर्गत यात्रियों के लिए एसी बस, ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का संपूर्ण खर्च सरकार वहन करती है।
महिलाओं को आर्थिक सहायता और बकाया राशि
केजरीवाल ने महिलाओं के लिए चल रही आर्थिक सहायता योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, लेकिन अभी तक उनके खाते में राशि नहीं पहुँची, उन्हें 1 अगस्त को एकमुश्त बकाया राशि दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।
सरकार की अन्य जनकल्याण योजनाएँ
केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और परिवारों को ₹10 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकार की ईमानदार कार्यशैली के चलते जनकल्याण योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का संबोधन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता, शांति और आपसी भाईचारे की भावना है। उन्होंने बताया कि राज्य में 19 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों को रोज़ाना लाखों रुपए की बचत हो रही है। मान ने यह भी कहा कि युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हज़ारों सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं और सड़क, सिंचाई तथा बिजली व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा रहा है।
आगे क्या होगा
अगस्त से नए रूटों के लिए पंजीकरण खुलने के साथ यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि 1.5 लाख लाभार्थियों की क्षमता के विरुद्ध कितने श्रद्धालु आवेदन करते हैं। योजना का विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी पृष्ठभूमि में चल रही हैं।