15 अगस्त 2026
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लुधियाना में ₹65 करोड़ के CBG प्लांट की नींव, भगवंत मान बोले — बुड्ढा नाला होगा प्रदूषण-मुक्त

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लुधियाना में ₹65 करोड़ के CBG प्लांट की नींव, भगवंत मान बोले — बुड्ढा नाला होगा प्रदूषण-मुक्त

सारांश

लुधियाना के हैबोवाल में ₹65 करोड़ का CBG प्लांट — यह सिर्फ एक ऊर्जा परियोजना नहीं, बल्कि बुड्ढा नाला की दशकों पुरानी प्रदूषण समस्या का वैज्ञानिक जवाब है। 435 डेयरी मालिकों की आमदनी, रोज़ 5 टन बायो-गैस और जैविक खाद — भगवंत मान सरकार का 'वेस्ट-टू-वेल्थ' दांव।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 14 अगस्त 2026 को लुधियाना के हैबोवाल में ₹65 करोड़ के CBG प्लांट की आधारशिला रखी।
प्लांट रोज़ाना 300 टन पशु गोबर प्रोसेस कर प्रतिदिन लगभग 5 टन कंप्रेस्ड बायो-गैस और ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइजर तैयार करेगा।
2.5 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह प्लांट सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।
परियोजना से 435 डेयरी मालिकों को 'वेस्ट-टू-वेल्थ' मिशन के तहत सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
प्रोजेक्ट बुड्ढा दरिया कायाकल्प कार्यक्रम का हिस्सा है और HPCL के सहयोग से क्रियान्वित होगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 14 अगस्त 2026 को लुधियाना के हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स में ₹65 करोड़ की लागत से बनने वाले कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्लांट की आधारशिला रखी। यह प्लांट रोज़ाना 300 टन पशु गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करेगा और बुड्ढा नाला में अनुपचारित कचरे के बहाव को रोककर शहर की सबसे पुरानी पर्यावरणीय समस्याओं में से एक का समाधान करेगा।

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएँ

यह प्लांट 2.5 एकड़ भूमि पर निर्मित होगा और सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। प्रतिदिन लगभग 5 टन कंप्रेस्ड बायो-गैस के साथ-साथ ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइजर का उत्पादन भी इस प्लांट में होगा। परियोजना को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार ने इसके लिए भूमि उपलब्ध कराई है।

बुड्ढा दरिया कायाकल्प से जुड़ाव

मुख्यमंत्री मान ने आधारशिला रखने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, 'यह पहल बुड्ढा दरिया कायाकल्प कार्यक्रम के तहत एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी।' उन्होंने HPCL के अधिकारियों का विशेष धन्यवाद किया। बुड्ढा नाला लंबे समय से औद्योगिक और डेयरी कचरे के अनियंत्रित प्रवाह के कारण प्रदूषण की चपेट में रहा है। यह प्रोजेक्ट उसी समस्या की जड़ पर प्रहार करने का प्रयास है।

435 डेयरी मालिकों को सीधा लाभ

मान ने बताया कि 'वेस्ट-टू-वेल्थ' मिशन के तहत इस प्लांट से हैबोवाल के लगभग 435 डेयरी मालिकों को सीधी आमदनी के नए अवसर मिलेंगे। गोबर की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग से डेयरी किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता खुलेगा। साथ ही, ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइजर के उत्पादन से रासायनिक खाद पर निर्भरता घटेगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।

पर्यावरण और रोज़गार पर असर

इस प्रोजेक्ट के चालू होने से बुड्ढा नाला में बिना ट्रीट किए जाने वाले गोबर और कचरे का प्रवाह रुकेगा, जिससे जल प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। डेयरी परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता का स्तर भी सुधरेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि यह प्लांट युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के नए द्वार भी खोलेगा।

आगे की राह

प्लांट के सितंबर 2027 तक चालू होने के साथ ही पंजाब सरकार की 'बुड्ढा दरिया कायाकल्प' मुहिम को ठोस ज़मीन मिलेगी। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो राज्य के अन्य डेयरी-सघन क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर CBG प्लांट स्थापित करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि केवल नाले की सफाई का। असली सवाल यह है कि क्या सितंबर 2027 की समयसीमा और 435 डेयरी मालिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का क्रियान्वयन ढाँचा उतना ही मज़बूत है जितनी घोषणा। HPCL जैसी केंद्रीय सार्वजनिक इकाई की भागीदारी परियोजना को विश्वसनीयता देती है, लेकिन डेयरी किसानों को गोबर आपूर्ति के लिए प्रोत्साहन और लॉजिस्टिक्स का खाका अभी सार्वजनिक नहीं हुआ — यही इस योजना की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लुधियाना का CBG प्लांट क्या है और यह कहाँ बनेगा?
यह ₹65 करोड़ की लागत से लुधियाना के हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स में 2.5 एकड़ भूमि पर बनने वाला कंप्रेस्ड बायो-गैस प्लांट है, जिसकी आधारशिला 14 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रखी। यह प्लांट HPCL के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
यह प्लांट बुड्ढा नाला की समस्या कैसे हल करेगा?
हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स से रोज़ाना निकलने वाले लगभग 300 टन पशु गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा, जिससे अनुपचारित कचरा बुड्ढा नाला में नहीं जाएगा। इससे जल प्रदूषण में कमी आएगी और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता सुधरेगी।
CBG प्लांट से डेयरी मालिकों को क्या फायदा होगा?
इलाके के लगभग 435 डेयरी मालिकों को 'वेस्ट-टू-वेल्थ' मिशन के तहत सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा — गोबर की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग से उन्हें अतिरिक्त आमदनी का नया ज़रिया मिलेगा। साथ ही, ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइजर उपलब्ध होने से रासायनिक खाद पर उनकी निर्भरता भी घटेगी।
यह प्लांट कब तक चालू होगा और इससे कितनी बायो-गैस बनेगी?
प्लांट के सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। पूरी क्षमता पर यह रोज़ाना लगभग 5 टन कंप्रेस्ड बायो-गैस के साथ-साथ ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइजर का उत्पादन करेगा।
बुड्ढा दरिया कायाकल्प कार्यक्रम क्या है?
यह पंजाब सरकार की एक व्यापक पहल है, जिसका उद्देश्य बुड्ढा नाला और उससे जुड़े जलमार्गों को प्रदूषण-मुक्त कर पुनर्जीवित करना है। हैबोवाल CBG प्लांट इस कार्यक्रम के तहत उठाया गया एक प्रमुख कदम है, जो औद्योगिक और डेयरी कचरे के स्रोत पर ही समाधान करता है।
राष्ट्र प्रेस
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