मलेरकोटला में ₹5.50 लाख की नकली करेंसी सहित चार गिरफ्तार, काउंटर इंटेलिजेंस का बड़ा ऑपरेशन
सारांश
मुख्य बातें
काउंटर इंटेलिजेंस पटियाला की सीआई यूनिट मलेरकोटला ने 17 मई 2026 को एक जाली करेंसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को ₹5.50 लाख की नकली भारतीय करेंसी नोटों (एफआईसीएन) के साथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने की मुहिम के तहत नकली नोटों के प्रचलन पर लगाम लगाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है: नाजर खान (निवासी झुनीर गांव, मलेरकोटला), राज मोहम्मद (निवासी धूरी, संगरूर), मुख्तियार सिंह उर्फ गुरजीत सिंह (निवासी जींद, हरियाणा), और आसिफ अली (निवासी मलेरकोटला)। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी राज मोहम्मद पहले से आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एक एफआईआर पहले से दर्ज है।
ऑपरेशन का विवरण
एआईजी सीआई पटियाला डॉ. सिमरत कौर ने बताया कि पहले चरण में नाजर खान और राज मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से ₹4 लाख के नकली 500 रुपए के नोट बरामद हुए। आगे की जांच के दौरान मुख्तियार सिंह उर्फ गुरजीत सिंह और आसिफ अली को भी दबोचा गया, जिनके कब्जे से ₹1.50 लाख की अतिरिक्त नकली करेंसी मिली। बरामद सभी नोट 500 रुपए के मूल्यवर्ग के हैं।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में एफआईआर नंबर 159, दिनांक 17 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 179 और धारा 180 के तहत थाना अमरगढ़, मलेरकोटला में दर्ज की गई है। यह नेटवर्क पंजाब के अलावा हरियाणा तक फैला प्रतीत होता है, जो इसके अंतरराज्यीय स्वरूप की ओर संकेत करता है।
आगे की जांच
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि इस नेटवर्क के आपूर्ति स्रोत और वितरण श्रृंखला का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है। एआईजी डॉ. सिमरत कौर ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां एवं बरामदगियां होने की संभावना है। गौरतलब है कि मलेरकोटला क्षेत्र से इस प्रकार के संगठित एफआईसीएन मॉड्यूल का भंडाफोड़ सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।