पंजाब पुलिस का फैक्ट चेक: वर्दी न पहनने वाली वायरल एडवाइजरी फर्जी, कोई निर्देश जारी नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर तेज़ी से वायरल हो रही वह कथित एडवाइजरी पूरी तरह फर्जी है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर आने-जाने के दौरान वर्दी की जगह सादे कपड़े पहनने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर या उसके अधीन किसी भी कार्यालय ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है।
वायरल मैसेज में क्या था दावा
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स पर एक संदेश बड़ी तेज़ी से फैल रहा था। इस मैसेज में दावा किया गया था कि पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने कर्मियों को यह निर्देश दिया है कि वे ड्यूटी पर आते-जाते समय वर्दी न पहनें और सादे कपड़ों में यात्रा करें। यह संदेश इतनी तेज़ी से फैला कि पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों, दोनों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई।
पंजाब पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया
पंजाब पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर पोस्ट कर स्पष्टीकरण जारी किया। पोस्ट में लिखा गया: 'फैक्ट चेक। गलत एडवाइजरी। पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर या उसके अधीन किसी भी पंजाब पुलिस के ऑफिस ने पुलिस कर्मियों को ऐसा कोई निर्देश या एडवाइजरी जारी नहीं की है जिसमें कहा गया हो कि वे ड्यूटी पर जाते या लौटते समय यूनिफॉर्म न पहनें और ड्यूटी पर आते-जाते समय आम लोगों जैसे कपड़े पहनें। सोशल मीडिया पर फैल रहे ऐसे मैसेज फर्जी हैं और उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए।'
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की फर्जी खबरें न केवल पुलिस बल के मनोबल को प्रभावित करती हैं, बल्कि आम जनता में भी गलत धारणाएँ पैदा करती हैं।
नागरिकों और पुलिसकर्मियों से अपील
पंजाब पुलिस ने नागरिकों और पुलिसकर्मियों दोनों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जाँच अवश्य करें। विभाग ने स्पष्ट किया कि सही और प्रामाणिक सूचनाओं के लिए केवल पुलिस के वेरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट्स और आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा किया जाए।
फर्जी एडवाइजरी फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
पंजाब पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि फर्जी एडवाइजरी फैलाने वालों पर नज़र रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, ज़रूरत पड़ने पर ऐसे लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सुरक्षा-संबंधी संवेदनशीलता को लेकर जनता में पहले से ही जागरूकता बढ़ाई जा रही है, और फर्जी खबरें इस माहौल में अधिक तेज़ी से फैलती हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की ओर से अफवाह-रोधी जागरूकता अभियान और तेज़ किए जाने की संभावना है।