पुरी रथयात्रा भगदड़: क्या दो अधिकारियों का निलंबन और डीएम-एसपी का तबादला उचित है?

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पुरी रथयात्रा भगदड़: क्या दो अधिकारियों का निलंबन और डीएम-एसपी का तबादला उचित है?

सारांश

पुरी में हुई भगदड़ ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। दो अधिकारियों के निलंबन और नए DM-SP की नियुक्ति की गई है। जान गंवाने वालों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। जानिए इस घटना के पीछे के कारण और सरकार की कार्रवाई।

मुख्य बातें

भगदड़ में तीन लोगों की जान गई।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की।
डीसीपी और कमांडेंट को निलंबित किया गया।
पुरी के नए जिला कलेक्टर चंचल राणा हैं।
पुरी की रथ यात्रा ओडिशा का गौरव है।

पुरी, 29 जून (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास हुई भगदड़ की गंभीर घटना पर माझी सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। डीसीपी बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाढ़ी को ड्यूटी में लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है।

इसके साथ ही, पुरी के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का भी तबादला कर दिया गया है। चंचल राणा को नए जिला कलेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि पिनाक मिश्रा को नए एसपी की जिम्मेदारी दी गई है।

ओडिशा सरकार ने इस घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस जानकारी को रविवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के कार्यालय ने साझा किया।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने सीएम मोहन माझी के हवाले से बताया, 'हम इस घटना से अत्यंत दुखी हैं। मुख्यमंत्री ने इस घटना के लिए राज्य सरकार की ओर से खेद व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने घटना की पूर्ण प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। विकास आयुक्त की देखरेख में विस्तृत प्रशासनिक जांच की जाएगी।'

सीएमओ ने आगे बताया, 'पुरी के जिला मजिस्ट्रेट और एसपी का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। चंचल राणा को नया जिला मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है, और पिनाक मिश्रा को नए एसपी का पदभार सौंपा गया है। इसके साथ ही, डीसीपी बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाढ़ी को लापरवाही के लिए निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाप्रभु की रथ यात्रा हमारे ओड़िया राज्य का गौरव है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'

इससे पहले भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना के लिए माफी मांगी और कहा कि भगदड़ के कारण हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए मैं सभी जगन्नाथ भक्तों से दिल से माफी मांगता हूं।

ज्ञात हो कि पुरी में रथ यात्रा के दौरान श्री गुंडिचा मंदिर के पास हुई इस दुखद भगदड़ में करीब तीन लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। यह हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ। इस हादसे में जिन तीन लोगों की जान गई है, उनमें दो महिलाएं, प्रभाती दास और बसंती साहू शामिल हैं। इसके अलावा, 70 वर्षीय प्रेमकांत मोहंती की भी भगदड़ में जान गई है। तीनों खुरदा जिले के निवासी थे और रथ यात्रा के लिए पुरी आए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी में भगदड़ कब हुई?
यह भगदड़ 29 जून को सुबह 4:30 बजे हुई।
इस भगदड़ में कितने लोग मारे गए?
इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को कितनी सहायता दी है?
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
कौन से अधिकारी निलंबित हुए?
डीसीपी बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाढ़ी को निलंबित किया गया है।
नए जिला कलेक्टर और एसपी कौन हैं?
चंचल राणा नए जिला कलेक्टर और पिनाक मिश्रा नए एसपी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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