श्री गुंडिचा मंदिर के द्वार खुले: पुरी में भगवान जगन्नाथ के जन्मस्थान पर उमड़े भक्त
सारांश
मुख्य बातें
पुरी स्थित श्री गुंडिचा मंदिर — जिसे भगवान जगन्नाथ का जन्मस्थान माना जाता है — 30 सितंबर 2026 को लंबे अंतराल के बाद आम भक्तों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया। शुभ मुहूर्त पर मंदिर के कपाट खुलते ही देश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मंदिर खुलने से पहले की तैयारियाँ
मंदिर के कपाट खोले जाने से पूर्व श्री जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी, पुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रतीक सिंह और मंदिर के सेवायतों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात भोर में भक्तों ने पुरी के श्रीमंदिर में पतित पावन की मंगला आरती के दर्शन किए और फिर भक्तिभाव से गुंडिचा मंदिर में प्रवेश किया।
सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था
मंदिर खुलने पर एसपी प्रतीक सिंह ने कहा, 'आज पवित्र गुंडिचा मंदिर को आम भक्तों के लिए खोल दिया गया है और हमारी तरफ से सुरक्षा के सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए गए हैं। भक्त टिकट लेकर मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे और प्रवेश सिंह द्वार से होगा। सिंह द्वार पर चेकिंग और फ्रिस्किंग सहित सुरक्षा के सभी इंतज़ाम किए गए हैं।'
प्रशासन ने दर्शन की प्रक्रिया को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। भक्तों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
मंदिर का धार्मिक महत्व
श्री जगन्नाथ मंदिर के प्रमुख अरविंद पाढ़ी ने कहा, 'श्री गुंडिचा मंदिर पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के देवताओं का जन्मस्थान है और इसे लंबे समय बाद खोला गया है। यह अब पुरी आने वाले सभी भक्तों के लिए खुला है। हमने सभी भक्तों के लिए सुखद अनुभव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है।'
गौरतलब है कि गुंडिचा मंदिर वार्षिक रथयात्रा के दौरान भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा यहाँ कुछ दिन विराजमान होते हैं। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब ओडिशा में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार सक्रिय प्रयास कर रही है।
आम जनता और दूरदराज के भक्तों की प्रतिक्रिया
इस अवसर पर तमिलनाडु से आए श्रद्धालुओं ने पहली बार गुंडिचा मंदिर के दर्शन किए। एक भक्त ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, 'मैं पहली बार ओडिशा के गुंडिचा मंदिर आया हूँ। मैं अपने परिवार के साथ यहाँ हूँ। हम गुंडिचा मंदिर देख पाकर बहुत खुश हैं। यह पहली बार है जब हम मंदिर के अंदर गए हैं। हमने यहाँ लगभग तीन घंटे इंतज़ार किया और आखिरकार मंदिर को अंदर से देख पाए।'
लंबे अंतराल के बाद मंदिर खुलने से पुरी में भक्तों की असाधारण भीड़ देखी जा रही है, जो इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के प्रति आस्था और उत्सुकता को दर्शाती है।
आगे क्या
प्रशासन का कहना है कि मंदिर अब नियमित रूप से भक्तों के लिए खुला रहेगा। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, विशेषकर देश के दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों की। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से यह पुरी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।