पीवी सिंधु ने PM मोदी की 'मन की बात' तारीफ पर कहा — 'आपके शब्द मुझे और कड़ी मेहनत की प्रेरणा देते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने 26 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक रूप से आभार जताया, जब मोदी ने 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में जापान ओपन खिताब जीतने पर सिंधु की जमकर प्रशंसा की। सिंधु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री के शब्द उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने तथा देश का मान बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं।
सिंधु का एक्स पर संदेश
सिंधु ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'सर, आपकी शुभकामनाओं और हौसला बढ़ाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। 'मन की बात' में आपका मेरा जिक्र करना सचमुच मेरे लिए सम्मान की बात है। आपके शब्द मुझे और ज्यादा मेहनत करने, बेहतरीन काम करने और भारत का मान बढ़ाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं। आपके लगातार सहयोग और आशीर्वाद के लिए मैं आपकी आभारी हूं।' यह पोस्ट मन की बात प्रसारण के तुरंत बाद आई।
जापान ओपन में सिंधु का ऐतिहासिक प्रदर्शन
जापान ओपन के फाइनल में पीवी सिंधु ने जापान की स्टार खिलाड़ी अकाने यामागुची को एकतरफा मुकाबले में 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ सिंधु जापान ओपन खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गईं। टूर्नामेंट की शुरुआत में संघर्ष के बावजूद फाइनल में उन्होंने यामागुची को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया।
दो साल बाद BWF खिताब
यह सिंधु का पिछले दो वर्षों में पहला BWF (बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन) खिताब भी रहा। इससे पहले उन्होंने अपना अंतिम BWF खिताब दिसंबर 2024 में सैयद मोदी टूर्नामेंट में जीता था। टूर्नामेंट के दौरान प्री-क्वार्टर फाइनल में सिंधु ने विश्व की नंबर 5 खिलाड़ी हान यू को हराया। क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में विपक्षी खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारण सिंधु को आगे के दौर में प्रवेश मिला।
PM मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में सिंधु को जापान ओपन खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने पर बधाई दी और कहा कि देश को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है। इससे पहले जापान ओपन खिताब जीतने के तुरंत बाद भी मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर सिंधु को बधाई दी थी और उनकी उपलब्धि को देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया था।
आगे क्या
जापान ओपन की इस जीत के बाद सिंधु की रैंकिंग और आत्मविश्वास दोनों में उछाल की उम्मीद है। बैडमिंटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह खिताब सिंधु के करियर में नई ऊर्जा भरेगा और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।