पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 जीता, पहली भारतीय बनीं; PM मोदी की बधाई पर जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
पीवी सिंधु ने 20 जुलाई 2026 को टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिम्नेजियम में BWF जापान ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट का विमेंस सिंगल्स खिताब जीतकर इतिहास रच दिया — वह यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट ने फाइनल में चार बार की चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेम में 21-17, 21-17 से हराया और BWF वर्ल्ड टूर खिताब के लिए दो साल का इंतजार समाप्त किया।
मुख्य घटनाक्रम
सिंधु का यह खिताबी सफर असाधारण रहा। उन्होंने टूर्नामेंट के दौरान टोक्यो ओलंपिक चैंपियन चेन यू फेई और वर्ल्ड नंबर 5 हान यू को पराजित किया। फाइनल में घरेलू दर्शकों की पसंदीदा यामागुची के खिलाफ सिंधु ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और दोनों गेम एक ही स्कोर 21-17 से जीते।
PM मोदी और राष्ट्रपति की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि को 'भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि' बताया और सिंधु के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी यह कामयाबी देश के अनगिनत युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर लिखा, "जापान ओपन 2026 में जीत के लिए पीवी सिंधु को बहुत-बहुत बधाई। यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनकर उन्होंने इतिहास रच दिया है।" उन्होंने इसे भारतीय बैडमिंटन के सफर में एक अहम पड़ाव बताया।
उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश को गर्व देती है और लाखों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा कि सिंधु ने देश का मान बढ़ाया है और युवाओं के सामने मातृभूमि के लिए बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करने की प्रेरणा का उदाहरण पेश किया है।
सिंधु का भावपूर्ण आभार
प्रधानमंत्री के बधाई संदेश के जवाब में सिंधु ने एक्स पर लिखा, "बहुत-बहुत धन्यवाद, माननीय प्रधानमंत्री सर। आपकी शुभकामनाएं मेरे लिए बहुत मायने रखती हैं।" उन्होंने टोक्यो के बाद प्रधानमंत्री के साथ आइसक्रीम खाने, उनके कार्यालय में हुई बातचीत और उन तमाम मुलाकातों को याद किया जो उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं।
सिंधु ने आगे लिखा, "सर, जब भी मैं आपसे मिली हूं, मैंने आपके अद्भुत काम करने के तरीके को खुद देखा है — हमेशा एक मीटिंग से लौटकर सीधे दूसरी मीटिंग में जाना, अक्सर देर रात तक काम करना। आप सचमुच कड़ी मेहनत, समर्पण और देश सेवा का असली उदाहरण हैं। भारतीय खेलों के लिए आपके अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद।"
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि पूर्व वर्ल्ड चैंपियन सिंधु ने 2016 रियो और 2020 टोक्यो ओलंपिक में क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते थे। जापान ओपन सुपर 750 स्तर का एक प्रमुख BWF टूर्नामेंट है और इसे जीतना भारतीय बैडमिंटन के लिए एक नई उपलब्धि है। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सिंधु ने दो साल के BWF वर्ल्ड टूर खिताब के सूखे को समाप्त किया।
आगे क्या
इस जीत के साथ सिंधु की BWF वर्ल्ड रैंकिंग में सुधार की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ और मज़बूत कर रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए सिंधु के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई देगी।