उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 4 सितंबर को पंजाब विश्वविद्यालय पहुँचेंगे, दो प्रमुख सुविधाओं का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति एवं पंजाब विश्वविद्यालय के पदेन कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन 4 सितंबर, शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय का आधिकारिक दौरा करेंगे। इस यात्रा में वे दो महत्वपूर्ण शैक्षणिक-अनुसंधान सुविधाओं का उद्घाटन करेंगे, जो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा देंगी।
मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम
अपनी यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरण सुविधा/केंद्रीय उपकरण प्रयोगशाला (SAIF/CIL) में उन्नत उपकरण सुविधा का उद्घाटन करेंगे। यह प्रयोगशाला विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों तक पहुँच प्रदान करेगी।
इसके अतिरिक्त वे पंजाब विश्वविद्यालय तकनीकी नवाचार मंच का भी उद्घाटन करेंगे। यह मंच विश्वविद्यालय के अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
एम्स रायपुर दीक्षांत समारोह में भागीदारी
इससे पहले, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बुधवार, 3 सितंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में भाग लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने स्नातक छात्रों से देश की सेवा समर्पण और ईमानदारी के साथ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी अवसर है। उनके अनुसार, छात्रों की डिग्री केवल शैक्षणिक सफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि लोगों के जीवन और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
उन्होंने AIIMS रायपुर को बदलाव का प्रतीक बताया और एडवांस्ड हेल्थकेयर, रिसर्च तथा अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उसकी उपलब्धियों की सराहना की — जिसमें राज्य का पहला स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट भी शामिल है।
नॉर्वे के दिवंगत सम्राट को श्रद्धांजलि
इससे पूर्व मंगलवार, 1 सितंबर को उपराष्ट्रपति नई दिल्ली स्थित रॉयल नॉर्वेजियन दूतावास पहुँचे और नॉर्वे के दिवंगत सम्राट किंग हेराल्ड V के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दूतावास में रखी शोक पुस्तिका में भारत सरकार और देश की जनता की ओर से नॉर्वे के शाही परिवार तथा वहाँ के नागरिकों के प्रति हार्दिक संवेदना दर्ज कीं।
क्या होगा आगे
पंजाब विश्वविद्यालय में उपराष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नवाचार मंच और उन्नत प्रयोगशाला के उद्घाटन से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय रैंकिंग और उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।