राहुल गांधी भ्रामक बयान देते हैं, जेन-जी को सावधान रहना चाहिए: रामदास आठवले
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने 9 सितंबर को रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि वे हमेशा भ्रामक एवं असत्य बयान देते हैं। आठवले का यह बयान उस दिन आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वडोदरा में युवाओं को संबोधित कर चुके थे।
मुख्य आरोप और बयान
आठवले ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वडोदरा में थे, जहाँ उन्होंने युवा पीढ़ी को संबोधित किया और भारत सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया कि पिछले 12 सालों में देश विकास के रास्ते पर कैसे आगे बढ़ा है। इसके बावजूद विपक्ष कभी भी अच्छे कामों की सराहना करने का इरादा नहीं रखता।' उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी ने जेन-जी को वडोदरा के कार्यक्रम में ऐसे लोगों से सावधान रहने की सलाह दी है जो 'झूठे वादे' करते हैं।
छत्तीसगढ़ दौरे का उद्देश्य
आठवले ने अपने छत्तीसगढ़ दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि वे बिलासपुर में एक कार्यक्रम में भाग लेने आए हैं। उन्होंने बताया कि दौरे से पहले रायपुर में सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की प्रदेश में क्रियान्वयन स्थिति की समीक्षा की गई।
संविधान और सामाजिक न्याय पर जोर
आठवले ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का संविधान हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, पारसी, लिंगायत और अन्य सभी धर्मों के लोगों को समान न्याय प्रदान करता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मौजूदा सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों और समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाने के लिए काम कर रही है।
आरक्षण पर आठवले का पक्ष
आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए आठवले ने कहा कि जब संविधान लिखा जा रहा था, तब बाबा साहेब अंबेडकर ने आरक्षण का प्रावधान रखा था और कुछ लोगों के विरोध के बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया था कि देश को आगे बढ़ाने के लिए आरक्षण आवश्यक है। आठवले के अनुसार, आरक्षण का लाभ हिंदू और मुस्लिम सहित सभी वर्गों को मिलता है, इसलिए इसका विरोध उचित नहीं है।
आगे क्या
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव बना हुआ है। आठवले का बिलासपुर दौरा मंत्रालय की योजनाओं की ज़मीनी समीक्षा के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है, और आने वाले दिनों में इस दिशा में और बैठकें होने की संभावना है।