रामदास आठवले का राहुल गांधी पर हमला: '2029 में जनता कांग्रेस का मजाक उड़ाएगी'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 14 अगस्त 2026 को मुंबई में विदेश नीति पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की और चेतावनी दी कि यदि यही रवैया जारी रहा तो 2029 के आम चुनाव में जनता कांग्रेस का मज़ाक उड़ाएगी। आठवले ने इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा की और मुंबई में ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य बनाने के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी।
राहुल गांधी पर आठवले का सीधा प्रहार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर आठवले ने कहा, 'ऐसे मज़ाक उड़ाना राहुल गांधी का एक धंधा बन गया है। विपक्ष का नेता वह नहीं होता जो दूसरों का मज़ाक उड़ाए, और जो लोग दूसरों का मज़ाक उड़ाते हैं, वे खुद ही मज़ाक का पात्र बन जाते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि पहले राहुल गांधी को 'पप्पू' कहा जाता था और यह अच्छी बात है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतकर उन्हें विपक्ष का नेता बनने का अवसर दिया।
आठवले ने स्पष्ट किया कि हर बात पर विरोध करना लोकतंत्र नहीं है। उनके अनुसार, 'अगर वे ऐसे ही बोलते रहे तो 2029 में जनता कांग्रेस और राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाएगी।' उन्होंने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के विरुद्ध बयानबाज़ी बंद करने की नसीहत दी।
विदेश नीति और भारत के वैश्विक संबंध
आठवले ने कहा कि भारत के सभी देशों के साथ संबंध अच्छे हैं। उन्होंने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच दोस्ती है। अमेरिका बड़ा देश है, जो हमारी अर्थव्यवस्था की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकता है। नरेंद्र मोदी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था नंबर चार पर आई है।' उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और रूस दोनों के साथ भारत के संबंध मज़बूत हैं और इन्हें कमज़ोर करने का काम राहुल गांधी को नहीं करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को 'अहंकारी' बताते हुए कहा कि अहंकार छोड़कर ही वे एक बेहतर नेता बन सकते हैं।
सुखबीर सिंह बादल पर हमले की निंदा
नांदेड़ के गुरुद्वारे में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पुत्र सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए आठवले ने कहा, 'यह एक पवित्र स्थान है। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाद, नांदेड़ का यह गुरुद्वारा सबसे महत्वपूर्ण गुरुद्वारों में से एक है।' उन्होंने कहा कि हमले का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सिख समुदाय के किसी युवा का सिख नेता पर हमला करना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की पूरी जाँच जारी है।
मराठी भाषा विवाद पर संतुलित रुख
मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के मुद्दे पर आठवले ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी है और यहाँ देश के हर कोने से लोग आते हैं। उनके अनुसार, 'हिंदी और मराठी का विवाद करना बिल्कुल ठीक नहीं है। जिसको मराठी नहीं आती, उस पर इस तरह से दबाव डालना उचित नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि धीरे-धीरे ऑटो-रिक्शा चालक मराठी सीख रहे हैं, लेकिन एकदम से परमिट रद्द करना सही नहीं होगा। उन्होंने बताया कि मुंबई में रहने वाले प्रवासियों में से लगभग 80 प्रतिशत मराठी बोलते हैं।
तिरंगे पर गर्व और राष्ट्रीय एकता
आठवले ने प्रियंक खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे देश में तिरंगा रैलियाँ हो रही हैं। उन्होंने बताया कि संसद में हाल ही में एक कार्यक्रम हुआ, जिसमें सभी मंत्री उपस्थित थे और उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा, 'तिरंगा हमारे लिए बहुत गर्व और सम्मान की बात है। जहाँ भी सेना और बीएसएफ के जवान मौजूद होते हैं और जहाँ भी तिरंगा लहराता है, उससे हमें ताकत मिलती है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभर में राष्ट्रीय भावना चरम पर है।