राहुल गांधी को 'मसखरा' कहने पर केरल CM सतीशन का पलटवार, राजीव चंद्रशेखर को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 26 सितंबर 2026 को केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर पर तीखा हमला बोला, जब चंद्रशेखर ने लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 'मसखरा' कहने वाली टिप्पणी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट की। सतीशन ने इस बयान को 'गैरजिम्मेदाराना और दुर्भावनापूर्ण' करार देते हुए भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
सतीशन का एक्स पर पलटवार
मुख्यमंत्री सतीशन ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'मैं भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर द्वारा दिए गए गैरजिम्मेदाराना और दुर्भावनापूर्ण बयानों की कड़ी निंदा करता हूँ। भारत के विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणी करना राजनीतिक आलोचना नहीं है। यह उस पार्टी की भाषा है जिसके पास अपनी विफलताओं का कोई जवाब नहीं है।'
सतीशन ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग (ECI) के भीतर मतभेदों को सामान्य बताना और विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की किसी भी जाँच से इनकार करना भाजपा के दोहरे मापदंड को उजागर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केरल प्रदेश राहुल गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के खिलाफ इन निराधार आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है।
राजीव चंद्रशेखर की मूल टिप्पणी
इससे पहले केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस पर चुनावी हार के लिए धांधली का 'बहाना' बनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि 2014 से राहुल गांधी और उनका परिवार यह कथन फैलाने में लगे हैं कि कांग्रेस धांधली के कारण चुनाव हार रही है, जबकि उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए कि भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और खराब प्रदर्शन ही जनता द्वारा बार-बार सत्ता से बाहर करने का असली कारण हैं।
चंद्रशेखर ने आरोपों की एक कालानुक्रमिक श्रृंखला भी सामने रखी — पहले संविधान के खतरे की बात, फिर ईवीएम हैकिंग का दावा, और अब SIR व ECI पर आरोप। उन्होंने कहा कि ये सभी आरोप विश्वसनीयता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे।
SIR और ECI विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह विवाद चुनाव आयोग की विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच चल रही तनातनी के बीच सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) का तर्क है कि SIR का उद्देश्य फर्जी और गैर-नागरिक मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाकर लोकतंत्र की रक्षा करना है, जबकि कांग्रेस और विपक्षी दल इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर बहस तेज हो रही है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
केरल में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) नीत यूडीएफ और सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पहले से ही तीव्र है। ऐसे में केरल भाजपा की ओर से राहुल गांधी जैसे राष्ट्रीय विपक्षी नेता पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी ने राज्य की राजनीतिक बहस को एक नया मोड़ दिया है। मुख्यमंत्री सतीशन की यह प्रतिक्रिया एक राज्य की सीमाओं से परे, राष्ट्रीय संवैधानिक संस्थाओं की साख और राजनीतिक भाषा के मानकों पर केंद्रित है।
आगे यह देखना होगा कि केरल भाजपा इस विवाद को किस दिशा में ले जाती है और क्या केंद्रीय भाजपा नेतृत्व इस मामले में कोई प्रतिक्रिया देता है।