क्या राहुल-प्रियंका के बिहार दौरे से कोई फर्क पड़ेगा?

सारांश
Key Takeaways
- राहुल और प्रियंका ने बिहार में यात्रा की।
- भाजपा ने इसे महत्वहीन बताया।
- यात्रा का समापन 1 सितंबर को होगा।
- बिहार की जनता की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
- यात्रा 1300 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
पटना, 26 अगस्त (आईएएनएस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में चल रही इंडिया ब्लॉक की 'वोटर अधिकार यात्रा' में मंगलवार को सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की उपस्थिति से कार्यकर्ताओं और समर्थकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। हालांकि, प्रियंका के इस दौरे पर भाजपा ने कड़ा प्रहार किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि "भाई आए, बहन आईं, दौरे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फिर से वही गलत बयानबाजी करेंगे।"
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एफिडेविट क्यों नहीं जमा किया? क्योंकि उन्हें पता था कि झूठ बोलने पर कार्रवाई होगी। पेगासस और राफेल मामलों में भी वही रवैया अपनाया। मीडिया, सीबीएसई, कैग और अब चुनाव आयोग तक को गाली देना राहुल गांधी की आदत बन गई है। उनका एक ही मंत्र है, 'ना कायदा सही, ना कानून सही, जो राहुल कहे वही सही।' लेकिन, देश ऐसे नहीं चलेगा।
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी और कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार की जनता इनकी झूठी बातों का करारा जवाब देगी। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें बिहार के डीएनए पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि बिहार के डीएनए में सम्राट अशोक की विरासत है। बिहार के डीएनए में महात्मा गांधी की प्रेरणा है। गांधी जब महात्मा बने तो वह चंपारण आए थे और यहीं से सत्याग्रह शुरू किया था। मैं रेवंत रेड्डी से आग्रह करूंगा कि थोड़ा बिहार को जान लें।
बता दें कि बिहार में इंडिया ब्लॉक ने 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली है। इसमें राजद के नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के नेता शामिल हो रहे हैं। मंगलवार को यात्रा के दसवें दिन की शुरुआत सुपौल जिले से हुई। सोमवार को इस यात्रा को ब्रेक दिया गया था।
राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई थी। 16 दिन की यह यात्रा लगभग 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी। 1 सितंबरऔरंगाबाद, गया, शेखपुरा, कटिहार, पूर्णिया, मुंगेर, भागलपुर होते हुए सुपौल पहुंची।