क्या 'वोटर अधिकार यात्रा' के समापन पर रैली नहीं, राहुल-तेजस्वी पटना में करेंगे पदयात्रा?

सारांश
Key Takeaways
- 'वोटर अधिकार यात्रा' एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक आंदोलन है।
- यह यात्रा देशभर में वोट की चोरी के खिलाफ आवाज उठा रही है।
- बिहार में बदलाव की लहर चल रही है।
मोतिहारी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में महागठबंधन द्वारा एसआईआर के विरोध में चल रही 'वोटर अधिकार यात्रा' के समापन पर पटना में कोई रैली नहीं होगी, बल्कि एक पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा।
गुरुवार को मोतिहारी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 'वोटर अधिकार यात्रा' के समापन पर 1 सितंबर को पटना में रैली की बजाय पदयात्रा होगी। पहले योजना थी कि राजधानी पटना के गांधी मैदान में 'वोटर अधिकार रैली' का आयोजन होगा, लेकिन अब गांधी प्रतिमा से लेकर हाईकोर्ट के पास अंबेडकर प्रतिमा तक राहुल और तेजस्वी सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पदयात्रा करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह समापन भले ही इस यात्रा का होगा, लेकिन यह क्रांति की शुरुआत करेगा, जो पूरे देश में फैल चुकी होगी। आज देश को यह समझ आ गया है कि अब वोट की चोरी नहीं होने देंगे। सभी प्रदेश के लोग आज बिहार की ओर देख रहे हैं, क्योंकि इसकी शुरुआत बिहार से ही होनी है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजद के सांसद संजय यादव ने कहा कि आज हम सभी मोतिहारी में हैं और आज यात्रा का 12वां दिन है। अब तक यह यात्रा 20 जिलों तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि इन सभी जिलों में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला है। यह यात्रा सही अर्थों में तीर्थ यात्रा बन चुकी है। इस हक की आवाज से सभी लोग जुड़ रहे हैं। सभी लोग कह रहे हैं कि बिहार में वोट की चोरी नहीं होने देंगे और बिहार में बदलाव निश्चित है।
उन्होंने कहा कि जब वोट ही छीन लिया जाएगा तो लोकतंत्र में बचेगा क्या? बिहार गणतंत्र की जननी है, लेकिन भाजपा यहां गण को समाप्त करना चाहती है। बिहार कभी ऐसा नहीं होने देगा। बिहार को रोजगार और उद्योग-धंधे चाहिए।