क्या महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश कुमार को तीन महीने का सेवा विस्तार मिला?

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क्या महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश कुमार को तीन महीने का सेवा विस्तार मिला?

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश कुमार को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया है। यह निर्णय चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण है। जानें विस्तार के पीछे की कहानी और उनके आगामी कार्यों की सूची।

Key Takeaways

  • राजेश कुमार को तीन महीने का सेवा विस्तार मिला है।
  • उन्हें महाराष्ट्र सरकार के 150 दिन के कार्यक्रम को लागू करना होगा।
  • दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर एमओयू को लागू करने का कार्य भी उनके पास है।
  • शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना के समन्वय की जिम्मेदारी भी है।
  • राजेश कुमार ने विभिन्न विभागों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।

मुंबई, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश कुमार को तीन महीने का सेवा विस्तार प्रदान किया गया है। वह इसी महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले थे।

1988 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश कुमार मीणा ने 30 जून को सुजाता सौनिक से महाराष्ट्र के मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण किया। अब वह 30 नवंबर तक इस पद पर बने रहेंगे।

यह विस्तार केंद्र सरकार द्वारा ऐसे समय में दिया गया है, जब राज्य चुनाव आयोग और सरकार ने स्थानीय और नगर निकायों के लंबे समय से लंबित चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है, जो दिवाली के बाद होने की उम्मीद है।

कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय के अवर सचिव भूपिंदर पाल सिंह ने महाराष्ट्र सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग) को एक पत्र में लिखा है कि महाराष्ट्र सरकार के 28 अगस्त 2025 के प्रस्ताव के अनुसार, मुख्य सचिव राजेश कुमार की सेवा को 1 सितंबर से 30 नवंबर 2025 तक तीन महीने के लिए बढ़ाने की केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। यह मंजूरी आईएएस (डीसीआरबी) नियम, 1958 के नियम 16(1) के तहत दी गई है।

राजेश कुमार के पास तीन महीने का सेवा विस्तार मिलने के साथ, वे महाराष्ट्र सरकार के 150 दिन के कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक सुधारों के लिए कई पहल शामिल हैं, जो जमीनी स्तर तक पहुंचेंगी। इसके अलावा, उन्हें जनवरी में दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौता पत्रों (एमओयू) को लागू करने पर काम करना होगा। इसके अलावा, 2030 तक महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और विकसित महाराष्ट्र 2047 के लक्ष्य के लिए शुरू की गई या प्रस्तावित योजनाओं पर भी ध्यान देना होगा।

राजेश कुमार को 86,300 करोड़ रुपये की शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना को लागू करने के लिए विभिन्न विभागों और जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय करना होगा, खासकर तब जब किसान और विपक्षी दल इसके खिलाफ प्रदर्शन तेज कर रहे हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने पहली कक्षा से मराठी और अंग्रेजी के साथ हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शुरू करने के दो सरकारी प्रस्तावों को रद्द कर दिया है। फिर भी, मुख्य सचिव को पूर्व योजना आयोग के सदस्य डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय समिति के कामकाज पर नजर रखनी होगी, जो राज्य में त्रिभाषी फॉर्मूले को लागू करने पर काम कर रही है।

मुख्य सचिव बनने से पहले राजेश कुमार राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे। उन्होंने सहकारिता विभाग, ग्रामीण विकास, उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में भी कार्य किया है।

Point of View

बल्कि राज्य के विकास के लिए आवश्यक सुधारों के कार्यान्वयन में भी मदद करेगा।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

राजेश कुमार को सेवा विस्तार क्यों दिया गया है?
सेवा विस्तार का निर्णय चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक सुधारों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
राजेश कुमार के आगामी कार्य क्या हैं?
उन्हें महाराष्ट्र सरकार के 150 दिन के कार्यक्रम को लागू करना, दावोस में एमओयू को लागू करना और शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना का समन्वय करना होगा।
मुख्य सचिव बनने से पहले राजेश कुमार ने कौन सी भूमिकाएं निभाई हैं?
उन्होंने राजस्व विभाग, सहकारिता, ग्रामीण विकास, उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभागों में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया है।