12 अक्टूबर 2026
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अजमेर पुलिस की 27वीं कार्रवाई: एक और बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, अब तक 61 पकड़े गए

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अजमेर पुलिस की 27वीं कार्रवाई: एक और बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, अब तक 61 पकड़े गए

सारांश

अजमेर पुलिस का बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध अभियान 27वीं कार्रवाई तक पहुँच गया है। ताज़ा गिरफ्तारी में 52 वर्षीय गुलाम मुस्तफा पकड़ा गया, जिसने 25 साल पहले अवैध प्रवेश स्वीकार किया। जिले में अब तक कुल 61 संदिग्ध हिरासत में लिए जा चुके हैं।

मुख्य बातें

अजमेर STF ने 12 अक्टूबर 2026 को 27वीं कार्रवाई में 52 वर्षीय बांग्लादेशी संदिग्ध को हिरासत में लिया।
संदिग्ध गुलाम मुस्तफा ने 25 साल पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध प्रवेश स्वीकार किया।
वह दिल्ली, उत्तराखंड, हरिद्वार, असम, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में रह चुका है।
करीब तीन महीने पहले वह अजमेर के दरगाह क्षेत्र में वापस आया था।
इस अभियान में अजमेर जिले में अब तक कुल 61 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं।
जाँच में प्रवेश मार्ग, ठहरने की परिस्थितियाँ और संभावित संपर्क नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।

अजमेर जिला पुलिस की विशेष कार्यबल (STF) ने 12 अक्टूबर 2026 को अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की 27वीं कार्रवाई के तहत एक 52 वर्षीय संदिग्ध को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, इस अभियान में अब तक जिले में कुल 61 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं।

कैसे हुई कार्रवाई

ताज़ा गिरफ्तारी दरगाह थाना पुलिस और सीआईडी जोन अजमेर की संयुक्त टीम ने की। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर चल रहे इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ के निर्देशन और वृत्ताधिकारी दरगाह हर्षित शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कई इलाकों में तलाश की।

टीम ने दरगाह बाजार, जालियान कब्रिस्तान, अंदरकोट, नई सड़क और तारागढ़ सहित विभिन्न इलाकों में छानबीन के बाद संदिग्ध को दबोचा।

संदिग्ध की पहचान और बयान

पूछताछ में संदिग्ध ने अपना नाम गुलाम मुस्तफा, निवासी मुगलहाट, जिला लालमुनिरहाट, बांग्लादेश बताया। पुलिस के अनुसार, उसने स्वीकार किया कि उसने करीब 25 साल पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था।

प्रवेश के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने के साथ-साथ दिल्ली, उत्तराखंड, हरिद्वार, असम, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में खानाबदोश के रूप में रहा। करीब तीन महीने पहले वह पुनः अजमेर आया और दरगाह क्षेत्र में रह रहा था।

जाँच का दायरा

पुलिस ने गुलाम मुस्तफा को अवैध निवास के संदेह में दरगाह थाने लाकर विस्तृत पूछताछ शुरू की है। जाँच के दायरे में उसके भारत में प्रवेश का मार्ग, लंबे समय तक विभिन्न राज्यों में ठहरने की परिस्थितियाँ और संभावित संपर्क नेटवर्क शामिल हैं।

अभियान की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान पुलिस अवैध प्रवासियों के विरुद्ध राज्यव्यापी अभियान तेज़ कर रही है। गौरतलब है कि अजमेर की दरगाह क्षेत्र की घनी आबादी और तीर्थयात्रियों की निरंतर आवाजाही इसे संवेदनशील क्षेत्र बनाती है। 27 कार्रवाइयों में 61 संदिग्धों की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि यह अभियान निरंतर और व्यवस्थित रूप से जारी है।

आगे की जाँच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं जो अवैध प्रवासियों को आश्रय या दस्तावेज़ी सहायता प्रदान कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 25 साल तक सात राज्यों में बिना दस्तावेज़ रहे, दर्शाते हैं कि समस्या केवल प्रवेश की नहीं, बल्कि भीतर के पहचान-सत्यापन तंत्र की भी है। स्थानीय निकायों और किरायेदार-पंजीकरण प्रणाली की विफलता इस कड़ी में सबसे बड़ी कमज़ोरी है, जिसे अभी तक मुख्यधारा की कवरेज नज़रअंदाज़ करती रही है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजमेर पुलिस का बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध अभियान क्या है?
यह अजमेर जिला पुलिस की विशेष कार्यबल (STF) द्वारा चलाया जा रहा अभियान है, जिसके तहत अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। 12 अक्टूबर 2026 तक इस अभियान में 27 कार्रवाइयाँ हो चुकी हैं और 61 संदिग्ध पकड़े जा चुके हैं।
गुलाम मुस्तफा कौन है और उसे कैसे पकड़ा गया?
गुलाम मुस्तफा बांग्लादेश के लालमुनिरहाट जिले के मुगलहाट का निवासी है, जिसे 12 अक्टूबर 2026 को अजमेर के दरगाह क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। दरगाह थाना पुलिस और सीआईडी जोन की संयुक्त टीम ने दरगाह बाजार, अंदरकोट और तारागढ़ सहित कई इलाकों में तलाश के बाद उसे पकड़ा।
गुलाम मुस्तफा कितने समय से भारत में था?
पुलिस के अनुसार, गुलाम मुस्तफा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने करीब 25 साल पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। इसके बाद वह दिल्ली, उत्तराखंड, हरिद्वार, असम, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में रहा और करीब तीन महीने पहले अजमेर आया।
इस अभियान में अब तक कितने बांग्लादेशी पकड़े गए हैं?
अजमेर जिला पुलिस के अभियान में 12 अक्टूबर 2026 तक कुल 61 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया जा चुका है। यह 27वीं आधिकारिक कार्रवाई है, जो पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर निरंतर चलाई जा रही है।
आगे की जाँच में क्या पता लगाया जाएगा?
पुलिस गुलाम मुस्तफा के भारत में प्रवेश के मार्ग, लंबे समय तक विभिन्न राज्यों में रहने की परिस्थितियों और उसके संभावित संपर्क नेटवर्क की जाँच कर रही है। यह भी पड़ताल की जाएगी कि क्या उसे आश्रय देने या दस्तावेज़ी सहायता प्रदान करने में अन्य लोग शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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