राजस्थान में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणा: माउंट आबू, जहाजपुर और कामां के नाम बदले
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें से एक महत्वपूर्ण निर्णय तीन शहरों के नाम परिवर्तन का था, जिससे उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि माउंट आबू का नाम अब अबूराज, जहाजपुर का नाम यज्ञपुर और कामां का नाम कामवन रखा जाएगा।
इस कदम का उद्देश्य इन स्थानों की समृद्ध विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करना है।
जयपुर में बढ़ते यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने द्रव्यवती नदी के किनारे 36 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की भी घोषणा की।
इस प्रस्तावित परियोजना से राज्य की राजधानी में यातायात का दबाव कम होने और शहरी आवागमन में सुधार होने की उम्मीद है। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए, शर्मा ने राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) के लिए 300 नई बसों की खरीद की घोषणा की।
नई बसों के जुड़ने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क को मजबूत किया जाएगा, जिससे यात्रियों की सुविधा और पहुँच में सुधार होगा।
सरकार का लक्ष्य राज्य भर में परिवहन सेवाओं का आधुनिकीकरण और विस्तार करना है। मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्ती के संबंध में भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें बताया गया कि 1.25 लाख नए सरकारी पदों पर भर्ती की जाएगी। नई भर्ती प्रक्रिया का कैलेंडर जल्द ही जारी किया जाएगा।
वीबी-जी-राम-जी रोजगार योजना के अंतर्गत, श्रमिकों को अब साप्ताहिक वेतन भुगतान प्राप्त होगा। रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी, और वेतन भुगतान में देरी होने पर मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
इस योजना पर राज्य कोष से लगभग 4,000 करोड़ रुपए का व्यय होगा, और मांग के अनुसार अतिरिक्त आवंटन की संभावना है। पचपदरा में एक प्रमुख कौशल विकास केंद्र का विकास क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
प्रस्तावित केंद्र पचपदरा और बाड़मेर क्षेत्र में आगामी औद्योगिक परियोजनाओं की आवश्यकताओं के अनुसार उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, विशेषकर पेट्रोकेमिकल्स, रिफाइनिंग और संबद्ध उद्योगों में।
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।