राजस्थान में जलमार्ग परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सीएम भजन लाल शर्मा ने एनडब्ल्यू-48 पर रिपोर्ट मांगी
सारांश
Key Takeaways
- जलमार्ग परिवहन का विकास राजस्थान सरकार की मुख्य प्राथमिकता है।
- मुख्यमंत्री ने एनडब्ल्यू-48 के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की मांग की।
- इस परियोजना से माल परिवहन में सुगमता आएगी।
- यह परियोजना राज्य के समग्र विकास में सहायक होगी।
- जलमार्ग का संचालन अरब सागर तक निर्बाध परिवहन को संभव बनाएगा।
जयपुर, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा है कि राज्य में जलमार्ग परिवहन का विकास सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को प्रस्तावित जवाई-लूणी-रण ऑफ कच्छ राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू-48) परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में निर्देशित किया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राष्ट्रीय जलमार्ग-48 की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और आईआईटी मद्रास को परियोजना की तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता का गहन अध्ययन करने का निर्देश दिया। साथ ही, संभावित माल ढुलाई के लिए पोत यातायात का तुलनात्मक विश्लेषण करने को भी कहा।
महत्वपूर्ण है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर 2025 को आईडब्ल्यूएआई के साथ एनडब्ल्यू-48 के विकास के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
बैठक में आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर के. मुरली ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की प्रगति पर प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलमार्ग के उद्घाटन के बाद न केवल राजस्थान बल्कि पड़ोसी राज्यों के उद्योगों और व्यापारियों को भी बड़ा लाभ होगा, जिससे माल परिवहन अधिक सुगम हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि यह परियोजना राज्य के समग्र विकास की एक मजबूत नींव बनेगी, व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा देगी और लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय कमी लाएगी। इसके साथ ही, एनडब्ल्यू-48 के संचालन से रण ऑफ कच्छ के रास्ते अरब सागर तक निर्बाध माल परिवहन संभव हो सकेगा।
यह जलमार्ग राजस्थान और गुजरात से होकर गुजरते हुए पेट्रोकेमिकल्स, खनिज, सीमेंट, रसायन और अन्य औद्योगिक उत्पादों के परिवहन में सहायक होगा।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सीएमओ) अखिल अरोड़ा, आईडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष सुनील पालीवाल, प्रमुख सचिव (वित्त) वैभव गलरिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।