12 जुलाई 2026
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राजस्थान में मौसम का मिजाज: भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद पारा गिरा

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राजस्थान में मौसम का मिजाज: भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद पारा गिरा

सारांश

राजस्थान में मौसम ने करवट ली है। भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में गिरावट आई है। अगले कुछ दिनों में मौसम में सुधार की संभावना है। जानें और क्या-क्या बदल रहा है।

मुख्य बातें

पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है।
राजस्थान में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई है।
तापमान में कम होने की संभावना है।
फसलों को नुकसान का खतरा है।
मौसम में सुधार गुरुवार

जयपुर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जयपुर के मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर बुधवार को भी बना रहेगा, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, गुरुवार से मौसम में सुधार की उम्मीद है और राजस्थान में अधिकांश स्थानों पर शुष्क मौसम रहने की संभावना है।

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कहा, "8 अप्रैल को भरतपुर और जयपुर डिवीजनों के उत्तरी भागों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि अधिकांश अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा। 9 अप्रैल से अगले चार से पाँच दिनों तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना है, और 10 अप्रैल से तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की आशंका है।"

इस बीच, पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान में मंगलवार को भी भारी बारिश और ओलावृष्टि जारी रही, जिससे कई जिलों में एक इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और नागौर जैसे जिलों में भी ओलावृष्टि के साथ-साथ तीव्र वर्षा हुई। राज्य की राजधानी जयपुर में मंगलवार रात करीब डेढ़ घंटे तक भारी बारिश हुई, जिससे तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई।

मौसम में आए बदलाव के कारण राज्य भर में तापमान में गिरावट आई है, जहाँ 10 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया है। चित्तौड़गढ़ में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि फतेहपुर (सीकर) पिछले 24 घंटों में सबसे ठंडा रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा।

पिछले 24 घंटों में, जोधपुर, बीकानेर, श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनू, सीकर, जयपुर, दौसा, अलवर, नागौर, टोंक, भरतपुर और धौलपुर सहित कई जिलों में घने बादलों के बीच बारिश हुई। नागौर, चूरू और हनुमानगढ़ के कुछ हिस्सों में 40 किमी/घंटा से अधिक की तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई।

6 अप्रैल की रात से सक्रिय इस मौसम प्रणाली का सबसे अधिक प्रभाव मंगलवार को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा के क्षेत्रों में देखा गया। लगातार बारिश से गेहूं और इसबगोल जैसी फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों में जलभराव के कारण कटाई के लिए तैयार फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि कई जिलों की स्थानीय मंडियों में भंडारित फसलें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

भरतपुर और जयपुर डिवीजनों के कुछ हिस्सों के लिए अगले 24 घंटों में हल्की बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद, अगले चार से पांच दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है और तेज धूप के कारण दिन का तापमान बढ़ेगा। शर्मा ने बताया कि अप्रैल के उत्तरार्ध में तापमान बढ़ने की संभावना है। उन्होंने इस वर्ष मई और जून में भीषण गर्मी पड़ने की भी आशंका जताई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में बारिश का कारण क्या है?
राजस्थान में बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ है, जो मौसम में बदलाव लाता है।
तापमान में गिरावट कब तक रहेगी?
अगले 4 से 5 दिनों तक तापमान में गिरावट रहने की संभावना है।
क्या आगामी दिनों में बारिश होगी?
भरतपुर और जयपुर डिवीजनों में अगले 24 घंटों में हल्की बारिश की संभावना है।
क्या ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होगा?
जी हाँ, ओलावृष्टि से गेहूं और इसबगोल जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है।
राजस्थान में मौसम में सुधार कब होगा?
गुरुवार से मौसम में सुधार होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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