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राजीव चंद्रशेखर का विपक्ष पर तीखा पलटवार: 'कॉकरोच पार्टी' भारत को अस्थिर करने की साजिश में लिप्त

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राजीव चंद्रशेखर का विपक्ष पर तीखा पलटवार: 'कॉकरोच पार्टी' भारत को अस्थिर करने की साजिश में लिप्त

सारांश

BJP के पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर विपक्ष को 'कॉकरोच पार्टी' कहते हुए आरोप लगाया कि वे विदेशी स्वार्थी तत्वों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने का 'सीमा पार प्रभाव अभियान' चला रहे हैं। विपक्ष ने इसे विभाजनकारी बयानबाजी बताया।

मुख्य बातें

राजीव चंद्रशेखर ने 23 मई को एक्स पर पोस्ट कर विपक्ष पर 'सीमा पार प्रभाव अभियान' चलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने 'कॉकरोच पार्टी' को भारत और प्रधानमंत्री मोदी की सरकार को अस्थिर करने की साजिश में शामिल बताया।
चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया, बॉट्स और AI आधारित नकली नैरेटिव को राष्ट्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया।
BJP समर्थकों ने बयान का स्वागत किया; विपक्षी दलों ने इसे 'विभाजनकारी बयानबाजी' करार दिया।
चंद्रशेखर ने कहा कि कोविड, रूस-यूक्रेन युद्ध और चीनी आक्रामकता जैसी चुनौतियों के बावजूद मोदी सरकार ने भारत को सुरक्षित रखा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार, 23 मई को विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि तथाकथित 'कॉकरोच पार्टी' एक 'सीमा पार प्रभाव अभियान' के ज़रिये भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से दिया, जो तेज़ी से चर्चा का केंद्र बन गया।

क्या है 'सीमा पार प्रभाव अभियान' का आरोप

चंद्रशेखर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह अभियान 'कुछ स्वार्थी तत्वों' द्वारा भारत को अस्थिर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और विपक्ष के कुछ तत्वों ने इसमें सहयोग किया है। उनके अनुसार, सोशल मीडिया, बॉट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में ऐसे 'प्रभाव अभियान' नकली लेकिन वास्तविक प्रतीत होने वाले नैरेटिव गढ़कर जनमत को प्रभावित करते हैं। उन्होंने इसे भारत की आंतरिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया।

मोदी सरकार की उपलब्धियों का बचाव

BJP नेता ने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का तेज़ उदय और आधुनिकीकरण कई देशों को रास नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-ईरान तनाव, ऊर्जा संकट और चीनी आक्रामकता जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत सुरक्षित और आर्थिक रूप से प्रगतिशील बना रहा। उन्होंने कहा, 'सच्चे नेतृत्व की पहचान संकट के समय देश को संभालने में होती है।'

विपक्ष और BJP समर्थकों की प्रतिक्रिया

चंद्रशेखर ने आक्रामक लहजे में कहा कि 'कोई कॉकरोच नहीं, कोई ओछा भारतीय विपक्षी नेता नहीं, कोई मोदी-विरोधी जोकर नहीं और न ही कोई विदेशी स्वार्थी तत्व' भारत की सामूहिक इच्छाशक्ति को पटरी से उतार सकता है। BJP समर्थकों ने इस पोस्ट को 'विपक्ष की नकारात्मक राजनीति' का सटीक जवाब बताया। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे 'विभाजनकारी बयानबाजी' करार दिया।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष कई मुद्दों पर केंद्र सरकार की आलोचना में मुखर है। गौरतलब है कि AI और डिजिटल प्रभाव अभियानों को लेकर चिंताएँ वैश्विक स्तर पर बढ़ रही हैं, और चंद्रशेखर इससे पहले भी तकनीक-आधारित सूचना युद्ध के विषय पर सक्रिय रूप से बोलते रहे हैं। उन्होंने 'विकसित भारत' के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सभी भारतीय मिलकर एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आगे क्या

चंद्रशेखर के इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। आने वाले दिनों में विपक्ष की ओर से औपचारिक खंडन या पलटवार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह विवाद भारत में डिजिटल सूचना-युद्ध और विदेशी हस्तक्षेप की बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ कोई सत्यापन-योग्य साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया — जो इसे राजनीतिक बयानबाजी और वास्तविक सुरक्षा चेतावनी के बीच की धुंधली रेखा पर खड़ा करता है। AI और बॉट-आधारित सूचना-युद्ध की चिंता वैध है, किंतु उसे विपक्ष की आलोचना से जोड़ना बिना प्रमाण के जवाबदेही से बचने का रास्ता भी बन सकता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव चंद्रशेखर ने 'कॉकरोच पार्टी' किसे कहा है?
राजीव चंद्रशेखर ने यह शब्द विपक्षी दलों के उन तत्वों के लिए इस्तेमाल किया जिन पर उन्होंने विदेशी स्वार्थी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने किसी एक पार्टी का सीधे नाम नहीं लिया।
'सीमा पार प्रभाव अभियान' क्या होता है?
यह एक ऐसी रणनीति है जिसमें विदेशी या बाहरी तत्व सोशल मीडिया, बॉट्स और AI के ज़रिये किसी देश में नकली नैरेटिव फैलाकर जनमत और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। चंद्रशेखर ने इसे भारत की आंतरिक स्थिरता के लिए खतरा बताया।
विपक्ष ने चंद्रशेखर के बयान पर क्या कहा?
विपक्षी दलों ने राजीव चंद्रशेखर के बयान को 'विभाजनकारी बयानबाजी' करार दिया। उन्होंने इसे राजनीतिक आलोचना को दबाने की कोशिश बताया।
यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह पोस्ट ऐसे समय आई जब विपक्ष कई मुद्दों पर केंद्र सरकार की आलोचना कर रहा है। चंद्रशेखर ने इसे वैश्विक चुनौतियों — कोविड, रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा संकट — के बावजूद मोदी सरकार की उपलब्धियों के बचाव के रूप में प्रस्तुत किया।
क्या चंद्रशेखर ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण दिया?
उनकी एक्स पोस्ट में कोई सत्यापन-योग्य साक्ष्य या आधिकारिक रिपोर्ट का हवाला नहीं दिया गया। यह बयान राजनीतिक आरोप के रूप में सामने आया है।
राष्ट्र प्रेस
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