राजकोट: 76 वर्षीय महिला के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या में ऑटो चालक गिरफ्तार, पहले भी 3 संगीन मामलों में आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
राजकोट में 28 अगस्त 2026 को पुलिस ने ऑटो रिक्शा चालक रमेश वैधुकिया को 76 वर्षीय लीला सोलंकी के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि वैधुकिया ने महिला को ऑटो में बिठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, लकड़ी के डंडे से पीट-पीटकर उसकी हत्या की और शव को अजी बांध के किनारे फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के नाम पहले भी तीन गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें एक तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित बलात्कार और हत्या का मामला भी शामिल है।
मुख्य घटनाक्रम
19 अगस्त को सुबह लगभग 11 बजे लीला सोलंकी के पोते अजय सोलंकी ने उन्हें कुवादवा रोड स्थित सत हनुमान मंदिर के पास छोड़ा था, जहाँ वह नियमित रूप से भीख माँगने बैठती थीं। शाम लगभग 5:30 बजे जब अजय वापस लौटे, तो वह वहाँ नहीं मिलीं। परिवार ने 20 अगस्त को कुवादवा रोड पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार, वैधुकिया ने स्वयं जाँचकर्ताओं को बताया कि उसने 19 अगस्त को शाम लगभग 4 बजे लीला को यह कहकर अपने ऑटो में बैठाया कि वह उन्हें घर छोड़ देगा। आरोप है कि इसके बाद उसने कई स्थानों पर रुकते हुए महिला को राजकोट-भावनगर राजमार्ग पर मुगल माताजी मंदिर के निकट अजी बांध क्षेत्र तक ले गया, जहाँ उसने ऑटो में यौन उत्पीड़न किया और लकड़ी के डंडे से प्रहार कर महिला को अर्धचेतन अवस्था में पहुँचाया। पुलिस का आरोप है कि इस हमले के कारण महिला की मृत्यु हो गई, जिसके बाद आरोपी ने शव को कपड़े में लपेटकर बांध के किनारे फेंक दिया और फरार हो गया।
जाँच कैसे आगे बढ़ी
21 अगस्त को अजी बांध के पास अज्ञात महिला का शव मिला। प्रारंभ में यह मामला आकस्मिक मृत्यु के रूप में दर्ज हुआ, लेकिन फोरेंसिक पोस्टमार्टम और मृत्यु की परिस्थितियों ने पुलिस को इसे संदिग्ध अपराध मानने पर विवश किया। अजी डैम पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खँगाली और खुफिया जानकारी के आधार पर रमेश वैधुकिया तक पहुँची। मृतका की पहचान समाचार पत्रों में अज्ञात शव का विवरण प्रसारित करने के बाद परिवार की सूचना पर लीला सोलंकी के रूप में हुई।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस ने बताया कि रमेश वैधुकिया के विरुद्ध पहले से तीन संगीन मामले दर्ज हैं। पहला — 2010 में चोटिला पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या का मामला, जिसमें उस पर लकड़ी के डंडे और पत्थर से एक व्यक्ति की हत्या कर शव को कुएँ में फेंकने का आरोप था। दूसरा — 2018 में थोराला पुलिस स्टेशन में दर्ज मामला, जिसमें कथित तौर पर तीन वर्षीय बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप है। तीसरा — 2018 में कुवादवा रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज मामला, जिसमें 70 वर्षीय महिला की कथित लूट और हत्या का आरोप है। पुलिस ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि 2018 का बाल बलात्कार-हत्या मामला वर्तमान जाँच के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक है।
आगे की कानूनी कार्यवाही
पुलिस ने बताया कि रमेश वैधुकिया के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। यह मामला इस बात पर गंभीर प्रश्न उठाता है कि पूर्व में गंभीर आपराधिक इतिहास वाले व्यक्ति के विरुद्ध समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और बार-बार अपराध करने वालों की निगरानी को लेकर यह प्रकरण व्यापक बहस को जन्म दे सकता है।