राज्यसभा चुनाव: UP मंत्री अनिल कुमार का दावा — RLD विधायक NDA के पक्ष में करेंगे मतदान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल कुमार ने 29 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के सभी विधायक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार को ही वोट देंगे। समाजवादी पार्टी (सपा) के RLD विधायकों को अपने पाले में लाने के दावों के बीच मंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
मंत्री अनिल कुमार का स्पष्ट संदेश
अनिल कुमार ने सपा के दावों पर कहा, 'अगर कोई दावा कर रहा है, तो उसे रोका नहीं जा सकता — लेकिन पहले भी राज्यसभा चुनाव हुए हैं। पिछली बार राष्ट्रीय लोकदल के सभी विधायकों ने एकमुश्त NDA गठबंधन के पक्ष में वोट किया था। इस बार भी हम NDA गठबंधन को ही वोट करेंगे। हमारी तरफ से उन्हें किसी तरह की गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए।' यह बयान सपा की उस रणनीति पर सीधी प्रतिक्रिया है जिसमें वह RLD विधायकों के समर्थन का दावा करती रही है।
इंडी गठबंधन और अखिलेश यादव की अनुपस्थिति पर टिप्पणी
इंडी गठबंधन की बैठक में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के शामिल न होने के सवाल पर अनिल कुमार ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है और जनता लगातार NDA के पक्ष में अपना जनादेश दे रही है।
गाज़ीपुर में BJP सांसद का कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम
गाज़ीपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्यसभा सदस्य डॉ. संगीता बलवंत ने उद्योग विभाग द्वारा आयोजित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। उत्तर प्रदेश सरकार की योजना के तहत आयोजित इस दर्जी प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 250 महिलाएँ प्रशिक्षण लेने पहुँचीं। डॉ. बलवंत ने इसे उत्साहजनक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का विजन पारंपरिक व्यवसायों को बढ़ावा देना और नागरिकों को सशक्त बनाना है।
बैलेट पेपर विवाद पर सत्तापक्ष का पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बैलेट पेपर से चुनाव कराने के बयान पर डॉ. संगीता बलवंत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'कहा जाता है कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे — जहाँ वे जीतते हैं, वहाँ सब कुछ सही रहता है और जब हारते हैं तो आरोप लगाने लगते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जब विपक्षी दलों को कहीं सफलता नहीं मिलती, तो उनके बीच आरोप-प्रत्यारोप की होड़ मच जाती है।
राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक समीकरण
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले NDA और सपा दोनों ही खेमे विधायकों के समर्थन को लेकर दावे-प्रतिदावे करते रहे हैं। RLD पहले से NDA का हिस्सा है, और यदि उसके विधायक अपेक्षित रूप से NDA के पक्ष में मतदान करते हैं, तो यह सपा की रणनीति को बड़ा झटका होगा। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी आने वाले दिनों में और तेज़ होने के आसार हैं।