19 अगस्त 2026
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यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव पर एनडीए का पलटवार, 'सपा ने मान ली हार' — BJP, निषाद पार्टी का तंज

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यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव पर एनडीए का पलटवार, 'सपा ने मान ली हार' — BJP, निषाद पार्टी का तंज

सारांश

अखिलेश यादव के NDA सीट-बंटवारे वाले बयान पर BJP और सहयोगी दलों ने एकजुट होकर पलटवार किया। संजय निषाद, गीता शाक्य और राम कदम ने कहा — सपा ने चुनाव से पहले ही हार मान ली है। यूपी चुनाव की सियासी जंग अभी से तेज़ हो गई है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा चुनाव में NDA के सहयोगी दलों को मिलने वाली संभावित सीटों का आंकड़ा पेश किया।
UP मंत्री संजय निषाद ने भगवान राम-निषादराज के उदाहरण से पलटवार करते हुए कहा कि PM मोदी और CM योगी ने निषाद समाज को सम्मान दिया।
BJP सांसद गीता शाक्य ने कहा कि NDA में सामूहिक निर्णय प्रक्रिया है और अखिलेश को अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए।
BJP नेता राम कदम ने दावा किया कि अखिलेश के बयानों से स्पष्ट है कि सपा ने चुनाव से पहले ही हार स्वीकार कर ली है।
सभी NDA नेताओं ने एकस्वर में कहा कि गठबंधन यूपी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों को मिलने वाली संभावित सीटों का आंकड़ा पेश किए जाने के बाद NDA नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। 19 अगस्त को BJP और उसके सहयोगी दलों ने एकजुट होकर अखिलेश के बयान को खारिज करते हुए कहा कि सपा चुनाव से पहले ही अपनी पराजय स्वीकार कर चुकी है।

संजय निषाद का तीखा पलटवार

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने भगवान राम और निषादराज के ऐतिहासिक संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार भगवान राम ने निषादराज को गले लगाया और रावण का अंत हुआ, उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निषाद समाज को सम्मान और पहचान दी है। निषाद ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में निषाद समाज को क्या मिला, यह सर्वविदित है।

BJP सांसद गीता शाक्य का जवाब

BJP सांसद गीता शाक्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे यह भूल रहे हैं कि यह भारतीय जनता पार्टी है, जहाँ जमीनी स्तर से संघर्ष कर उठे नेताओं की लंबी कतार है। शाक्य ने स्पष्ट किया कि NDA में सभी सहयोगी दलों का सम्मान होता है और महत्वपूर्ण निर्णय सामूहिक विमर्श के बाद लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को NDA की चिंता छोड़कर अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

राम कदम का सीधा हमला

BJP नेता राम कदम ने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव पर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश के हालिया बयानों से साफ ज़ाहिर होता है कि उन्होंने मन ही मन चुनाव में हार स्वीकार कर ली है। कदम के अनुसार, जनता ने एक बार फिर BJP-NDA सरकार बनाने का मन बना लिया है, इसीलिए अखिलेश यादव के बयानों को राजनीतिक हलकों में गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सभी दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि सपा और NDA के बीच सीट-बंटवारे को लेकर बयानबाज़ी पहले भी तेज रही है। अखिलेश यादव का NDA के आंतरिक सीट-वितरण पर टिप्पणी करना BJP और उसके सहयोगियों को एकजुट करने का अवसर दे गया है। NDA नेताओं का दावा है कि गठबंधन पूरी तरह तैयार है और विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ मज़बूती से जारी हैं।

आगे क्या

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही इस तरह के बयानों और पलटवारों की आवृत्ति बढ़ने की संभावना है। सपा और NDA दोनों अपने-अपने सामाजिक समीकरण साधने में जुटे हैं, और आने वाले हफ्तों में सीट-बंटवारे की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने NDA सीट-बंटवारे पर क्या कहा था?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा चुनाव में BJP की ओर से NDA के सहयोगी दलों को मिलने वाली संभावित सीटों का आंकड़ा सार्वजनिक किया था। इसी बयान पर BJP और उसके सहयोगियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में निषाद समाज को उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने भगवान राम और निषादराज के उदाहरण से यह रेखांकित किया कि PM मोदी और CM योगी ने निषाद समाज को वह पहचान दी है जो पहले नहीं मिली थी।
BJP सांसद गीता शाक्य ने क्या कहा?
BJP सांसद गीता शाक्य ने कहा कि अखिलेश यादव को NDA की चिंता छोड़कर अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि NDA गठबंधन में सभी निर्णय सामूहिक चर्चा के बाद लिए जाते हैं और सभी सहयोगी दलों का सम्मान किया जाता है।
राम कदम ने सपा पर क्या दावा किया?
BJP नेता राम कदम ने दावा किया कि अखिलेश यादव के हालिया बयानों से साफ है कि उन्होंने मन ही मन यूपी चुनाव में हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि जनता ने एक बार फिर BJP-NDA को चुनने का मन बना लिया है।
यूपी विधानसभा चुनाव में NDA और सपा के बीच मुख्य मुद्दा क्या है?
फिलहाल सीट-बंटवारे की रणनीति और सामाजिक समीकरण केंद्रीय मुद्दा बने हुए हैं। NDA अपने सहयोगी दलों को एकजुट रखने की कोशिश में है, जबकि सपा गठबंधन में दरार पैदा करने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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