यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव पर एनडीए का पलटवार, 'सपा ने मान ली हार' — BJP, निषाद पार्टी का तंज
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों को मिलने वाली संभावित सीटों का आंकड़ा पेश किए जाने के बाद NDA नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। 19 अगस्त को BJP और उसके सहयोगी दलों ने एकजुट होकर अखिलेश के बयान को खारिज करते हुए कहा कि सपा चुनाव से पहले ही अपनी पराजय स्वीकार कर चुकी है।
संजय निषाद का तीखा पलटवार
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने भगवान राम और निषादराज के ऐतिहासिक संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार भगवान राम ने निषादराज को गले लगाया और रावण का अंत हुआ, उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निषाद समाज को सम्मान और पहचान दी है। निषाद ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में निषाद समाज को क्या मिला, यह सर्वविदित है।
BJP सांसद गीता शाक्य का जवाब
BJP सांसद गीता शाक्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे यह भूल रहे हैं कि यह भारतीय जनता पार्टी है, जहाँ जमीनी स्तर से संघर्ष कर उठे नेताओं की लंबी कतार है। शाक्य ने स्पष्ट किया कि NDA में सभी सहयोगी दलों का सम्मान होता है और महत्वपूर्ण निर्णय सामूहिक विमर्श के बाद लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को NDA की चिंता छोड़कर अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
राम कदम का सीधा हमला
BJP नेता राम कदम ने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव पर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश के हालिया बयानों से साफ ज़ाहिर होता है कि उन्होंने मन ही मन चुनाव में हार स्वीकार कर ली है। कदम के अनुसार, जनता ने एक बार फिर BJP-NDA सरकार बनाने का मन बना लिया है, इसीलिए अखिलेश यादव के बयानों को राजनीतिक हलकों में गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सभी दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि सपा और NDA के बीच सीट-बंटवारे को लेकर बयानबाज़ी पहले भी तेज रही है। अखिलेश यादव का NDA के आंतरिक सीट-वितरण पर टिप्पणी करना BJP और उसके सहयोगियों को एकजुट करने का अवसर दे गया है। NDA नेताओं का दावा है कि गठबंधन पूरी तरह तैयार है और विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ मज़बूती से जारी हैं।
आगे क्या
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही इस तरह के बयानों और पलटवारों की आवृत्ति बढ़ने की संभावना है। सपा और NDA दोनों अपने-अपने सामाजिक समीकरण साधने में जुटे हैं, और आने वाले हफ्तों में सीट-बंटवारे की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।