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संजय निषाद का अखिलेश यादव पर हमला: 'जनता ने सिर्फ बयानबाजी के लिए छोड़ा, सपा राज में SC-ST एक्ट बेअसर था'

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संजय निषाद का अखिलेश यादव पर हमला: 'जनता ने सिर्फ बयानबाजी के लिए छोड़ा, सपा राज में SC-ST एक्ट बेअसर था'

सारांश

योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने प्रयागराज में अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा — SC-ST एक्ट को बेअसर बताया, सड़े अनाज का आरोप लगाया और कहा कि जनता ने सपा को सिर्फ बयानबाजी के लिए छोड़ा है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समुदाय पर वर्चस्व की लड़ाई तेज़।

मुख्य बातें

संजय निषाद ने 23 सितंबर 2026 को प्रयागराज में अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया।
आरोप लगाया कि सपा कार्यकाल में SC-ST एक्ट बेअसर था और गरीबों को सड़ा अनाज देकर आधी कीमत वसूली जाती थी।
कहा कि अखिलेश ने अंबेडकर की मूर्ति तोड़ी और प्रमोशन लिस्ट रद्द की — संविधान पर भरोसे पर सवाल।
निषाद राज के किले में 2013 के बाद कथित अवैध मस्जिद निर्माण का मुद्दा उठाया, कहा 'अवैध रहेगा तो बुलडोजर चलेगा।' योगी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों को अनाज, इलाज और मकान दे रही है।

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं योगी सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद ने 23 सितंबर 2026 को प्रयागराज में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया। निषाद ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अधिनियम पूरी तरह बेअसर रहा और गरीबों को विकास की मुख्यधारा से काटकर सड़ा अनाज दिया जाता था।

अखिलेश पर सीधा हमला

संजय निषाद ने अखिलेश यादव की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा, 'वो नेता और पार्टी अध्यक्ष हैं, अगर वो खुद संविधान को मानते, तो अंबेडकर की मूर्ति नहीं तोड़ते, नाम नहीं बदलते। उन्होंने रिजर्वेशन के तहत प्रमोशन लिस्ट रद्द नहीं की होती। अगर वो संविधान को मानते, तो समाज में निचले पायदान पर रहने वालों को विकास की धारा में लाने का काम करते।' यह बयान उस राजनीतिक माहौल में आया है जिसमें सपा और भाजपा गठबंधन के बीच दलित एवं पिछड़े वर्गों को लेकर वर्चस्व की लड़ाई तेज़ हो रही है।

सपा कार्यकाल पर आरोप

निषाद ने कहा कि सपा के शासन में SC-ST एक्ट बेअसर था और समाज के सबसे निचले तबके को विकास की मुख्यधारा से वंचित रखा गया। उनके अनुसार, 'गरीब भूखे मर रहे थे, अनाज सड़ रहा था और ये लोग सड़ा अनाज देकर उनसे आधी कीमत लेते थे।' उन्होंने दावा किया कि जनता ने अखिलेश यादव को 'केवल बयानबाजी और पोस्टरबाजी' के लिए छोड़ रखा है।

योगी सरकार की उपलब्धियों का दावा

इसके विपरीत, निषाद ने योगी आदित्यनाथ की सरकार का बचाव करते हुए कहा कि उनकी सरकार समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को खाने के लिए अनाज, इलाज की व्यवस्था और रहने के लिए मकान दे रही है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने सामाजिक न्याय को ज़मीन पर उतारने का काम किया है।

शकुनी मामा और अवैध निर्माण पर टिप्पणी

एक अन्य सवाल के जवाब में निषाद ने महाभारत के पात्र शकुनी का उल्लेख करते हुए कहा कि 'सलाहकार शकुनी मामा थे, जिस वजह से कौरव हार गए।' उन्होंने निषाद राज के किले में कथित अवैध मस्जिद निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, '2013 में किले में एक भी मस्जिद नहीं थी, लेकिन अब बन गई है। खुदाई हुई, मस्जिद नहीं मिली।' निषाद ने स्पष्ट किया कि 'जो अवैध है, वो अवैध है — अवैध रहेगा तो बुलडोजर चलेगा।' गौरतलब है कि इस तरह के बयान उत्तर प्रदेश में समय-समय पर राजनीतिक विवाद का केंद्र बनते रहे हैं।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं और दलित, अतिपिछड़े एवं निषाद समुदाय के वोट बैंक को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन और सपा के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान चुनावी ध्रुवीकरण को ध्यान में रखकर दिए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सपा की ओर से जवाबी प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका बार-बार दोहराव दर्शाता है कि भाजपा गठबंधन इन मुद्दों को चुनावी कथा का आधार बनाना चाहता है। दूसरी तरफ, किले में मस्जिद और बुलडोजर वाली टिप्पणी सामाजिक ध्रुवीकरण का संकेत देती है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर 'विकास बनाम विरोध' के फ्रेम में दबा देती है। असली सवाल यह है कि क्या इन बयानों का ज़मीनी असर उस समुदाय तक पहुँच रहा है जिसके नाम पर राजनीति हो रही है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
संजय निषाद ने आरोप लगाया कि सपा कार्यकाल में SC-ST एक्ट बेअसर था, अंबेडकर की मूर्तियाँ तोड़ी गईं और प्रमोशन लिस्ट रद्द की गई। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों को सड़ा अनाज देकर आधी कीमत वसूली जाती थी।
संजय निषाद ने यह बयान कहाँ और कब दिया?
यह बयान 23 सितंबर 2026 को प्रयागराज में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया गया। निषाद अखिलेश यादव की किसी पूर्व टिप्पणी का जवाब दे रहे थे।
निषाद राज के किले में मस्जिद विवाद क्या है?
संजय निषाद ने दावा किया कि 2013 में निषाद राज के किले में एक भी मस्जिद नहीं थी, लेकिन बाद में एक का निर्माण हो गया। उन्होंने कहा कि खुदाई के बाद मस्जिद का अस्तित्व साबित नहीं हुआ और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलेगा।
योगी सरकार के बारे में संजय निषाद ने क्या कहा?
निषाद ने कहा कि योगी सरकार समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को खाने के लिए अनाज, इलाज और रहने के लिए मकान उपलब्ध करा रही है। उन्होंने इसे सपा शासन के विपरीत बताया।
यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्यों अहम है?
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले निषाद, दलित और अतिपिछड़े मतदाताओं को लेकर भाजपा गठबंधन और सपा के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा है। संजय निषाद का यह हमला इसी रणनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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