रक्षा खडसे का मिजोरम दौरा: सैतुअल-कोलासिब में समीक्षा बैठक, खेलो इंडिया और नशा मुक्ति पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 15 और 16 सितंबर 2026 को मिजोरम के आधिकारिक दौरे के तहत सैतुअल और कोलासिब जिलों में जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों में केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, खेल बुनियादी ढाँचे, युवा भागीदारी, नशा मुक्ति अभियान, कृषि, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका के अवसरों की व्यापक समीक्षा की गई।
सैतुअल में बैठक का ब्यौरा
सैतुअल में आयोजित बैठक में जिला कलेक्टर श्रीनिवास सादी, पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार मौर्य, वरिष्ठ जिला अधिकारियों के साथ-साथ खेल महासंघों और सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में नशा मुक्ति को केंद्रीय मुद्दे के रूप में उठाया गया।
मंत्री खडसे ने नशा मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता जताई और युवा समूहों, सामुदायिक संगठनों तथा कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे की प्रवृत्ति को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।
कृषि और बागवानी क्षेत्र की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मिजोरम के जैविक उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुँच और सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के उपायों पर मंथन किया गया, ताकि स्थानीय किसान व्यापक राष्ट्रीय बाजारों से जुड़ सकें।
खेल बुनियादी ढाँचे पर जोर
स्थानीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों ने खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के विकास से जुड़ी जरूरतें बैठक में सामने रखीं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है — नियमित कोचिंग, व्यवस्थित प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को निरंतर सहयोग देना भी उतना ही ज़रूरी है। उन्होंने जमीनी स्तर पर खेलों को प्रोत्साहित करने में खेलो इंडिया योजना की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
गौरतलब है कि मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन बुनियादी ढाँचे और प्रशिक्षण के अभाव में कई युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच तक नहीं पहुँच पाते। इस संदर्भ में यह बैठक नीतिगत दिशा तय करने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।
कोलासिब में समीक्षा: संपर्क और स्वास्थ्य प्राथमिकताएँ
कोलासिब में आयोजित जिला समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर एच. डोलियनबुआया, पुलिस अधीक्षक पु लालरिनपुइया वार्ते तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
बैठक में सड़क संपर्क को प्रमुख प्राथमिकता के रूप में चिह्नित किया गया। बाजारों, आवश्यक सेवाओं और आर्थिक अवसरों तक स्थानीय नागरिकों की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए कनेक्टिविटी को मज़बूत बनाने पर सहमति बनी।
मंत्री ने जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पाँच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और नर्सिंग स्कूल के कामकाज की भी समीक्षा की। उन्होंने उपलब्ध स्वास्थ्य ढाँचे का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सहकारी समितियाँ और आजीविका के अवसर
कोलासिब जिले में फिलहाल 102 सहकारी समितियाँ सक्रिय हैं, जिनमें से अधिकांश कृषि-आधारित हैं। इन समितियों के माध्यम से स्थानीय आजीविका और सामुदायिक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को और सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। जनऔषधि केंद्र के संचालन की भी समीक्षा की गई, ताकि सस्ती दवाइयाँ आम लोगों तक सुलभ रह सकें।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में केंद्रीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रही है। आगे मंत्रालय स्तर पर इन बैठकों में उठाए गए बिंदुओं की समीक्षा और आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।