अयोध्या राम मंदिर में महर्षि वाल्मीकि जयंती आज, दीपोत्सव 2026 में 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर 26 अक्टूबर 2026 को एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने बताया कि यह पर्व पूरी श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाएगा, जिसमें ट्रस्ट सदस्य, पुजारी, ब्राह्मण और हिंदू समाज के लोग सम्मिलित होंगे।
वाल्मीकि जयंती का आयोजन
दिनेंद्र दास ने जानकारी देते हुए कहा, 'आज शाम यहां एक कार्यक्रम होगा, जिसमें ट्रस्ट के कुछ सदस्य, पुजारी, ब्राह्मण और हिंदू समाज के लोग शामिल होकर प्रार्थना करेंगे। वाल्मीकि जयंती को धूमधाम से मनाया जाएगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन पुरानी परंपरा के अनुसार ही संपन्न होगा और इसमें सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
दीपावली और दीपोत्सव की तैयारियाँ
वाल्मीकि जयंती के साथ ही दास ने दीपावली और दीपोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर भी अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक बैठक हुई है, जिसमें यह तय किया गया कि रामनगरी की पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए इस बार भी दीपावली का पर्व भव्य ढंग से मनाया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि दीपावली के अवसर पर मंदिर परिसर में एक लाख से अधिक दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे और आकर्षक रोशनी की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी। इस भव्य उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।
दीपोत्सव 2026: ऐतिहासिक लक्ष्य
गौरतलब है कि अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है — जो पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को पार करने की कोशिश है।
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 35,000 से अधिक स्वयंसेवक अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। यह सहभागिता दर्शाती है कि दीपोत्सव अब केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि एक व्यापक सामुदायिक आयोजन बन चुका है।
रामनगरी की परंपरा और राष्ट्रीय महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में धार्मिक आयोजनों का महत्व और स्तर दोनों बढ़े हैं। हर साल दीपोत्सव के अवसर पर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की कोशिश की जाती रही है, और इस बार 30 लाख दीप का लक्ष्य उसी दिशा में एक और बड़ा कदम है।
आने वाले दिनों में दीपोत्सव की अंतिम तैयारियाँ और अधिक गति पकड़ेंगी, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति इसे राज्य सरकार के लिए भी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन बनाती है।