राम मंदिर में कार्तिक उत्सवों की तैयारी शुरू, 26 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती का भव्य आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति ने 16 अक्टूबर 2026 को अयोध्या के मणिराम छावनी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें आगामी कार्तिक मास के प्रमुख धार्मिक उत्सवों की तैयारियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अन्नकूट, दीपोत्सव, गोपाष्टमी और 26 अक्टूबर को मनाई जाने वाली महर्षि वाल्मीकि जयंती समेत कई आयोजनों की रूपरेखा इस बैठक में तय की गई।
बैठक में कौन-कौन रहे उपस्थित
राम मंदिर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी गोविंद देव गिरी के अनुसार, बैठक में प्रमुख रूप से महंत कमल नयन दास सशरीर उपस्थित रहे, जबकि श्री नृत्य गोपाल दास महाराज ऑनलाइन माध्यम से इसमें सम्मिलित हुए। समिति के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।
गौरतलब है कि राम मंदिर में प्रमुख पर्वों की व्यवस्था पहले से नियोजित ढंग से की जाती है, और इस बार कार्तिक मास में उत्सवों की संख्या को देखते हुए पहले से तैयारी प्रारंभ कर दी गई है।
मुख्य आयोजनों की रूपरेखा
गोविंद देव गिरी ने बताया कि गोपाष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में गौशाला का शुभारंभ करने की विशेष योजना है। इसके साथ ही अन्नकूट और दीपोत्सव की व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी आयोजनों में पारंपरिक मूल्यों और धार्मिक परंपराओं का पूर्ण पालन किया जाएगा।
धार्मिक समिति के सदस्य कमल नयन दास ने जानकारी दी कि बैठक में शरद पूर्णिमा, दिवाली, अन्नकूट और वाल्मीकि जयंती सहित वर्षभर के उत्सवों के आयोजन की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई। मंदिर के खुलने के समय से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श जारी बताया गया।
वाल्मीकि जयंती पर विशेष ध्यान
बैठक में 26 अक्टूबर को मनाई जाने वाली महर्षि वाल्मीकि जयंती के आयोजन पर विशेष ज़ोर दिया गया। गोविंद देव गिरी के अनुसार, इस कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी डॉ. निर्मला यादव को सौंपी गई है।
इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि का विधिवत पूजन किया जाएगा। रविदास आश्रम के महंत को भी कार्यक्रम में आमंत्रित करने की योजना है। समाज के विभिन्न वर्गों को इस आयोजन में सम्मिलित कर धार्मिक समावेशिता का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के पश्चात् श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कार्तिक मास में आयोजित होने वाले इन उत्सवों में देशभर से बड़ी संख्या में भक्तों के आगमन की संभावना है।
समिति द्वारा सभी आयोजनों को सुनियोजित ढंग से संपन्न कराने के प्रयास यह सुनिश्चित करते हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आने वाले सप्ताहों में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।